SBI की रिपोर्ट: करीब 25 लाख उम्मीदवारों के साथ NEET UG दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी परीक्षा
SBI रिसर्च की रिपोर्ट में भारत और दूसरे देशों की बड़ी परीक्षाओं की तुलना की गई है। उम्मीदवारों की संख्या में चीन की गाओकाओ सबसे ऊपर है।
भारत में मेडिकल दाखिले की परीक्षा NEET UG उम्मीदवारों की संख्या के हिसाब से दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी परीक्षा बताई गई है। इसमें करीब 25 लाख उम्मीदवार बैठते हैं। यह बात भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की रिसर्च रिपोर्ट "द स्टेट ऑफ हायर एजुकेशन इन इंडिया" में सामने आई है।
रिपोर्ट में भारत समेत कई देशों की बड़ी परीक्षाओं की तुलना की गई है। इस तुलना में चीन की गाओकाओ परीक्षा सबसे आगे है। SBI रिसर्च के आंकड़ों के मुताबिक गाओकाओ में करीब 1.29 करोड़ उम्मीदवार शामिल होते हैं।
उसके बाद ब्राजील की ENEM का नंबर आता है, जिसमें करीब 48 लाख उम्मीदवार बैठते हैं। चीन की गुओकाओ सिविल सर्विस परीक्षा में करीब 30 लाख और चीन की नेशनल मास्टर डिग्री एंट्रेंस परीक्षा में करीब 34 लाख उम्मीदवार हिस्सा लेते हैं। इस सूची में करीब 25 लाख उम्मीदवारों के साथ NEET UG पांचवें स्थान पर है। इसके बाद तुर्किए की YKS में करीब 24 लाख, नाइजीरिया की UTME में 22 लाख और SAT में करीब 20 लाख उम्मीदवार शामिल होते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार भारत की कई और परीक्षाओं में भी बड़ी तादाद में छात्र बैठते हैं। NEET UG में करीब 25 लाख, UPSC की सिविल सर्विस भर्ती परीक्षा में करीब 12 लाख, इंजीनियरिंग दाखिले की JEE Main में करीब 10 लाख और उच्च शिक्षा से जुड़ी पात्रता परीक्षा UGC Net में करीब 8 लाख उम्मीदवार होते हैं।
SBI रिसर्च ने चीन में गाओकाओ के इंतजाम का भी जिक्र किया है। 2026 में करीब 1.29 करोड़ उम्मीदवारों ने इस परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। परीक्षा पूरे देश में 7,981 केंद्रों पर हुई, जहां 3.48 लाख परीक्षा कक्ष और 21,050 आरक्षित कक्ष थे। दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए खास सुविधाएं भी रखी गई थीं।
परीक्षा की सुरक्षा के लिए सिक्योर प्रिंटिंग फैसिलिटी, 24 घंटे CCTV निगरानी, प्रश्नपत्र ले जाने के लिए बख्तरबंद और GPS से ट्रैक होने वाली गाड़ियां, पुलिस सुरक्षा और सुरक्षित स्टोरेज का इस्तेमाल होता है। परीक्षा केंद्रों पर छात्रों की पहचान और प्रतिबंधित चीजों की जांच सख्ती से की जाती है। इसके अलावा परीक्षा के दौरान ट्रैफिक मैनेजमेंट, शोर पर नियंत्रण, खाने और सेहत की सुरक्षा और मौसम पर भी खास ध्यान दिया जाता है।
बड़ी परीक्षाएं कराने के अनुभव को देखते हुए रिपोर्ट में भारत की परीक्षा प्रणाली में कुछ बदलावों की जरूरत बताई गई है। फिलहाल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) "सोसायटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860" के तहत रजिस्टर्ड संस्था है। जुलाई 2024 तक NTA 240 से ज्यादा परीक्षाएं करा चुकी है, जिनमें 5.4 करोड़ से ज्यादा उम्मीदवार शामिल हुए।
रिपोर्ट में NTA के स्टाफ के बारे में कहा गया है कि कुल कर्मचारियों में से करीब 18 फीसदी कॉन्ट्रैक्ट या आउटसोर्स पर थे। SBI रिसर्च ने सिफारिश की है कि NTA को ज्यादा मजबूत और कानूनी ढांचा देने के लिए संसद के जरिए "NTA एक्ट" बनाया जाए।