सीबीएसई ने एक छात्र को थमाईं 12वीं की दो मार्कशीट, कॉलेज दाखिले में अटकी बात
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देहरादून के केंद्रीय विद्यालय के छात्र ने गणित की इम्प्रूवमेंट परीक्षा दी थी, पर बोर्ड ने एक संयुक्त मार्कशीट की जगह दो अलग मार्कशीट दीं।
सीबीएसई यानी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के कामकाज को लेकर इन दिनों सवाल उठ रहे हैं। देहरादून के केंद्रीय विद्यालय आईटीबीपी सीमाद्वार के एक छात्र को बोर्ड ने 12वीं की दो अलग-अलग मार्कशीट थमा दी हैं। बोर्ड की इस छोटी सी चूक की वजह से छात्र की आगे की पढ़ाई का रास्ता मुश्किल हो गया है।
छात्र ने अपने नंबर सुधारने के लिए गणित विषय की इम्प्रूवमेंट परीक्षा दी थी। उम्मीद यही थी कि उसे संयुक्त या सुधारा हुआ रिजल्ट मिलेगा। लेकिन बोर्ड ने एक मार्कशीट देने के बजाय दो स्वतंत्र मार्कशीट उसके हाथ में पकड़ा दीं।
मामला यह है कि एक ही साल और एक ही परीक्षा के लिए छात्र के पास अब दो मार्कशीट हैं। पहली मार्कशीट में पुराने नंबर दर्ज हैं और दूसरी में नए नंबर। यानी एक ही साल की एक ही परीक्षा के दो नतीजे उसके हाथ में हैं। आम तौर पर बोर्ड से एक जुड़ी हुई मार्कशीट की उम्मीद की जाती है, ताकि एडमिशन लेते वक्त कोई अड़चन न आए।
किसी भी विषय में नंबर बढ़ाने के लिए इम्प्रूवमेंट परीक्षा देने के बाद अपडेटेड और एक ही (सिंगल) मार्कशीट मिलनी चाहिए। मगर सीबीएसई के मौजूदा नियमों के हिसाब से मुख्य परीक्षा और इम्प्रूवमेंट परीक्षा के लिए अलग-अलग कागज दिए जाते हैं। देहरादून के केंद्रीय विद्यालय के इस छात्र को भी यही दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
काउंसलिंग, यूनिवर्सिटी एडमिशन और जॉब वेरिफिकेशन के वक्त जब यह छात्र दो मार्कशीट दिखाता है, तो कागज जांचने वाले अफसर भी उलझन में पड़ जाते हैं। इस तकनीकी गड़बड़ी और बोर्ड के अजीब नियम की वजह से कॉलेज में दाखिले की प्रक्रिया के दौरान छात्र को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
इस लापरवाही भरे कामकाज से तंग आकर छात्र ने स्कूल के प्रिंसिपल को औपचारिक चिट्ठी लिखी है। उसमें उसने अपनी समस्या बताई है और मांग की है कि जल्द से जल्द इसका हल निकाला जाए।
सीबीएसई जैसे नामी बोर्ड से उम्मीद की जाती है कि डिजिटल जमाने में ऐसी गलतियां फौरन दूर की जाएं। जब एक ही छात्र का पूरा रिकॉर्ड बोर्ड के पास है, तो दोनों परीक्षाओं के नंबर जोड़कर एक डिजिटल या फिजिकल मार्कशीट जारी करने में कोई तकनीकी रुकावट नहीं आनी चाहिए। फिलहाल छात्र बोर्ड के अगले फैसले का इंतजार कर रहा है।
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