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SBI के 3.75 लाख रिकॉर्ड डार्क वेब पर मिलने का शक, बैंक ने शुरू की उच्चस्तरीय जांच

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने CERT-In के अलर्ट के बाद ग्राहकों के डेटा के कथित लीक की जांच शुरू की है।

SBI के 3.75 लाख रिकॉर्ड डार्क वेब पर मिलने का शक, बैंक ने शुरू की उच्चस्तरीय जांच तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों को लेकर एक अहम खबर सामने आई है। ग्राहकों की गोपनीय जानकारी लीक होने का शक जताया जा रहा है। इस मामले में बैंक ने फौरन उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

बैंक ने यह कार्रवाई इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम, यानी CERT-In से मिली सूचना के बाद शुरू की है। SBI ने शेयर बाजार को जो जानकारी दी, उसके मुताबिक उसे CERT-In से ग्राहकों के डेटा को लेकर एक अलर्ट मिला था। उस अलर्ट में दावा किया गया था कि डार्क वेब पर ग्राहकों की जानकारी संदिग्ध तरीके से मौजूद है।

मिली जानकारी के अनुसार 16 अक्टूबर 2026 को थ्रेट इंटेलिजेंस सर्विस प्रोवाइडर, साइबर सुरक्षा व्यवस्था और CERT-In को इस संभावित साइबर खतरे का पहला आधिकारिक अलर्ट मिला था। इस अलर्ट के बाद शुरू हुई शुरुआती जांच में डार्क वेब पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड की एक बड़ी डेटा फाइल मिली।

शुरुआती जांच के आंकड़ों के मुताबिक डार्क वेब पर कुल 3.75 लाख (3,75,000) रिकॉर्ड मौजूद पाए गए। पूरे जखीरे को बारीकी से खंगाला गया तो उसमें से 3897 रिकॉर्ड में ग्राहकों की पहचान बताने वाली निजी जानकारी (PII - Personally Identifiable Information) निकली।

डेटा लीक की खबर मिलते ही SBI ने अपने साइबर इन्सिडेंट रिस्पॉन्स और कंटेनमेंट प्रोटोकॉल (Cyber Incident Response Protocols) चालू कर दिए। मामले की गहराई से जांच करने और लीक हुए डेटा की सच्चाई परखने के लिए बैंक ने एक स्वतंत्र, CERT-In-empanelled साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया है। यह एजेंसी लीक हुए डेटा की प्रकृति, उसके दायरे और जड़ तक जाकर पड़ताल कर रही है।

बैंक ने साफ किया है कि ग्राहक और निवेशक घबराएं नहीं। उसके मुताबिक इस कथित डेटा लीक का बैंक के मूल कारोबारी कामकाज (Core Business Operations) पर कोई बड़ा या नकारात्मक असर नहीं पड़ा है। बैंक इस मामले की विस्तार से समीक्षा कर रहा है और आगे ऐसी घटनाएं रोकने के लिए जरूरी रोकथाम और सुरक्षा के उपाय लागू कर रहा है।

डेटा की सत्यता जांचने, यह पता लगाने कि लीक कैसे और किस वजह से हुआ, और इससे बैंक व ग्राहकों को कितना खतरा हो सकता है, इसका आकलन करने का काम फिलहाल तेजी से चल रहा है। SBI ने कहा है कि वह अपनी साइबर सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क है और ग्राहकों की सुरक्षा को पहली प्राथमिकता देता है।

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