शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

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लातूर में सूदखोरों के कब्जे वाली जमीन दो किसानों को लौटी, कलेक्टर ने सौंपी खतौनी

लातूर में सूदखोरों के कब्जे वाली जमीन दो किसानों को लौटी, कलेक्टर ने सौंपी खतौनी तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
PT24 टीम

लातूर में सहकार विभाग की कार्रवाई के बाद दो किसानों को उनकी जमीन वापस मिली। अवैध साहूकारी के आरोप में आठ लोगों पर मामले दर्ज हैं।

लातूर में अवैध सूदखोरों ने जो जमीनें किसानों से हड़प ली थीं, उनमें से दो जमीनें अब असली मालिकों को लौटा दी गई हैं। किसानों की माली तंगी और नासमझी का फायदा उठाकर ये जमीनें अपने नाम करवाई गई थीं। राज्य सरकार के सहकार विभाग और लातूर जिला प्रशासन के सख्त फैसले के बाद दिवाली से ठीक पहले दो किसानों को उनका हक वापस मिला, और इन परिवारों की दिवाली सचमुच खुशियों वाली हो गई।

जिले में कलेक्टर डॉ. भारत बास्टेवाड और जिला पुलिस अधीक्षक अमोल तांबे की निगरानी में सहकार विभाग गैरकानूनी निजी साहूकारी के खिलाफ तेज मुहिम चला रहा है। इसी के तहत जिला उप पंजीयक सहकारी संस्था विष्णू पोतंगले ने महाराष्ट्र साहूकारी (नियमन) अधिनियम 2014 की धारा 18 (2) के प्रावधानों का इस्तेमाल किया। उन्होंने दो अहम मामलों में साहूकारी के लिए करवाए गए गैरकानूनी बिक्रीनामे रद्द कर दिए थे।

पहला मामला चाकूर तहसील के कलकोटी गांव का है। मंडुबाई इराप्पा डावरे ने बेटी की शादी के लिए स्थानीय साहूकार किसन गोविंद अलमले से ब्याज पर कर्ज लिया था। कर्ज की गारंटी के नाम पर साहूकार ने उनकी नासमझी का फायदा उठाया और खेत का बिक्रीनामा लिखवा लिया। सहकार विभाग की जांच में साबित हुआ कि यह खरीद-बिक्री का सौदा था ही नहीं, बल्कि साहूकारी कर्ज के लिए ली गई गारंटी थी। इस बारे में चाकूर पुलिस थाने में मामला दर्ज हुआ और मंडुबाई को उनकी 1 हेक्टेयर 80 आर जमीन लौटा दी गई।

दूसरा मामला निलंगा तहसील के थोर माकणी का है। आर्थिक मुश्किलों के चलते वामन श्रीपती सूर्यवंशी ने साहूकार शरद दिगंबर पाटील से कर्ज लिया था। साहूकार ने उनकी 40 आर जमीन की गारंटी लिखवाई और उसे पहले अपने नाम, फिर किसी और के नाम करवा लिया। जिला उप पंजीयक की जांच में सबूतों से साफ हुआ कि यह सौदा भी गैरकानूनी साहूकारी के लिए ही हुआ था। उन्हें भी कानूनी तौर पर उनकी जमीन वापस मिल गई है।

गुरुवार को कलेक्टर डॉ. भारत बास्टेवाड और पुलिस अधीक्षक अमोल तांबे के हाथों इन किसानों को जमीन के हस्तांतरण का सात-बारह सौंपा गया। इस मौके पर जिला उप पंजीयक विष्णू पोतंगले भी मौजूद थे।

अधिनियम की धारा 18 के मुताबिक सहकार पंजीयकों के पास साहूकारी सौदे में हड़पी गई संपत्ति का पता लगाकर उसे असली मालिक को लौटाने के खास अधिकार हैं। इन्हीं अधिकारों से उप पंजीयक ने ऐसे बिक्रीनामे रद्द किए। इसके अलावा सहकार विभाग की ओर से धारा 39 के तहत अवैध साहूकारी करने वाले आठ लोगों के खिलाफ अलग-अलग पुलिस थानों में मामले दर्ज हुए हैं।

उदगीर ग्रामीण थाने में बालुरे पिराजी बाबुराव (संतोषी माता नगर, उदगीर) पर मामला दर्ज हुआ है। औसा थाने में आदिल मदारसाब शेख (खोरे गल्ली) और फारुक उस्मानसाब सय्यद (आलमपूरा) पर, जबकि मुरुड थाने में सौरभ अशोककुमार गर्ग (हत्ते नगर, लातूर) पर मामला है। निलंगा थाने में तुकाराम इस्माईल वजनम (निलंगा) पर और लातूर के शिवाजी नगर थाने में बिबीता उर्फ कविता बालाजी शिंदे (खाडगाव रोड, लातूर) पर मामला दर्ज है। इनके साथ काशिनाथ हणमंतराव म्हेत्रे (नाईक चौक, लातूर) और संतोष रावसाहेब उपाडे (बार्शी रोड, लातूर) पर भी मामले हैं, और विवेकानंद चौक थाने में पांडुरंग सिद्राम सूर्यवंशी (जुना बाभलगाव रोड, लातूर) पर मामला दर्ज हुआ है। अवैध साहूकारी की शिकायतों के बाद डाले गए छापों में मिले शुरुआती सबूतों के आधार पर यह कार्रवाई हुई।

जिले में अवैध साहूकारी के खिलाफ अब तक 145 शिकायतें आई हैं। इनमें से 66 मामलों की जांच पूरी हो चुकी है, 14 में शिकायत सही पाई गई और 8 लोगों पर मामले दर्ज किए गए। बाकी शिकायतों पर आगे की कार्रवाई तेजी से चल रही है।

कलेक्टर डॉ. भारत बास्टेवाड ने कहा कि किसानों के अनपढ़ होने या माली परेशानी का फायदा उठाकर बिक्रीनामे के जरिए जमीन लिखवा लेना कानून की नजर में अपराध है और यह गैरकानूनी साहूकारी है। किसी भी किसान के साथ ऐसी धोखाधड़ी हुई हो तो वह बिना डरे सीधे सहकार विभाग में शिकायत करे। उन्होंने कहा कि पीड़ित किसानों को इंसाफ दिलाने के लिए सरकार और प्रशासन प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आगे भी ऐसी शिकायतों पर फौरन कार्रवाई होगी और दोषियों पर मामले दर्ज किए जाएंगे।

प्रशासन ने मुहिम तेज की है। साथ ही लाइसेंसधारी साहूकारों के हाथों किसानों से धोखाधड़ी न हो, इसके लिए जिले के सभी 373 लाइसेंसधारी साहूकारों के लेन-देन की जांच होगी। इन साहूकारों ने 3534 लोगों को 19 करोड़ 71 लाख रुपये का कर्ज बांटा है। नियमों के बाहर चल रही साहूकारी पर रोक लगाने के लिए कलेक्टर ने फौरन कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सभी लाइसेंसधारी साहूकारों के कर्ज वितरण की पड़ताल कर उसकी रिपोर्ट जल्द पेश की जाए।

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