सूखे से जूझते किसानों के लिए शिवसेना के 7 लाख 69 हजार दिवाली राशन किट
शिवसेना प्रवक्ता आनंद परांजपे ने बताया कि राज्य के 278 तहसीलों के सूखा पीड़ित किसान परिवारों को दिवाली राशन किट दिए जा रहे हैं।
मुंबई: शिवसेना राज्य के सूखा पीड़ित किसानों को 7 लाख 69 हजार दिवाली राशन किट देने जा रही है। पार्टी के प्रवक्ता और पूर्व सांसद आनंद परांजपे ने बताया कि इनमें से 5 लाख 38 हजार 500 किट बांटे जा चुके हैं और बाकी किट दो दिन में किसानों तक पहुंच जाएंगे। उनके मुताबिक मकसद यही है कि मुसीबत में पड़े हर किसान तक मदद पहुंचे।
परांजपे बालासाहेब भवन में हुई पत्रकार परिषद में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पार्टी के मुख्य नेता और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने निर्देश दिया है कि इस बार की दिवाली किसानों के साथ मनाई जाए। इसलिए अगले तीन दिनों में शिवसेना के मंत्री, विधायक, सांसद और दूसरे जनप्रतिनिधि किसानों के खेत की मेड़ तक पहुंचेंगे। किट मराठवाड़ा, नाशिक, पुणे, अमरावती और नागपुर इलाके की 278 तहसीलों के किसान परिवारों को दिए गए हैं।
परांजपे ने कहा कि 1972 के बाद महाराष्ट्र में इतना भीषण सूखा पड़ा है और राज्य का किसान बहुत मुश्किल में है। उन्होंने बताया कि उपमुख्यमंत्री शिंदे ने सितंबर में दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी और किसानों के लिए बड़ी मदद की मांग की थी। इसके बाद केंद्र की टीमें राज्य में आईं और सूखे का जायजा लेकर गईं। शिंदे ने दशहरा मेले में भी भरोसा दिलाया था कि किसानों की दिवाली काली नहीं होने देंगे।
इलाकेवार आंकड़े देते हुए परांजपे ने बताया कि अब तक मराठवाड़ा में 1 लाख 77 हजार, नाशिक विभाग में 1 लाख 35 हजार, पुणे विभाग में 82 हजार, अमरावती विभाग में 77,500 और नागपुर में 66 हजार किट बांटे गए हैं। इसके अलावा 10 हजार गन्ना कटाई मजदूरों को भी किट मिले हैं। कोंकण में आखिरी चरण में किट बांटे जाएंगे।
राज्य सरकार ने 358 तहसीलों में से 304 में सूखा घोषित किया है, जिनमें से 278 तहसीलों के किसानों को शिवसेना ने राशन दिया। परांजपे ने कहा कि राज्य पर जब भी संकट आता है, शिवसेना और एकनाथ शिंदे सबसे पहले मदद के लिए दौड़ते हैं। दशहरे के दिन ठाणे से 60 ट्रक और मुंबई से 40 ट्रक राशन रवाना किया गया था। शिवसेना के डॉक्टर सेल के जरिए गरीबों को 5000 दिवाली राशन किट भी दिए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि पार्टी ने किसानों के लिए और भी काम हाथ में लिए हैं। किसानों की पत्नियों और माता-बहनों को 25 हजार सिलाई मशीनें और लड़कियों को 25 हजार साइकिलें बांटी गई हैं। शिंदे ने कार्यकर्ताओं से कहा है कि "मदद का तोरण ही शिवसेना की नीति", और कंधे पर भगवा लेकर शिवसैनिक किसान के खेत की मेड़ पर पहुंचें।
परांजपे ने कहा कि सूखा पीड़ित किसानों को बेटी की शादी की चिंता नहीं करनी चाहिए। दिसंबर के बाद शिवसेना सामूहिक विवाह समारोह कराएगी और किसान इसके लिए अपने जिला प्रमुख के पास नाम दर्ज कराएं। सूखा प्रभावित इलाकों की शिवसेना शाखाएं किसान सेवा केंद्र की तरह काम करेंगी। वहां किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलेगी, मनरेगा में नाम दर्ज होगा और पंचनामों की अड़चनें दूर की जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि बुधवार को काशी नगरी में शिंदे को सनातन मार्तंड और धर्मध्वजाधारक की उपाधि से सम्मानित किया गया।
राष्ट्रवादी कांग्रेस के विधायकों के काम न होने की शिकायत पर परांजपे ने कहा कि शिंदे महायुति के 232 विधायकों के काम तो करते ही हैं, विपक्ष के काम भी करते हैं। इसलिए राष्ट्रवादी का कोई भी विधायक काम के सिलसिले में उपमुख्यमंत्री शिंदे से कभी भी मिल सकता है।
ठाणे के पूर्णेकर हत्या मामले पर परांजपे ने कहा कि पहले दिन से विपक्ष पूर्णेकर परिवार के कंधे पर बंदूक रखकर शिवसेना और उपमुख्यमंत्री शिंदे की छवि खराब करने की कोशिश करता रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि पूर्णेकर परिवार के लिए ठाणे आने वाले विपक्षी नेताओं ने दिशा सालियन के परिवार से मिलने की हिम्मत क्यों नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि दिशा सालियन मामले में शिवसेना के सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल सीबीआई प्रमुख से मिलेगा।
परांजपे ने कहा कि शिवसेना की मदद सिर्फ दिवाली तक नहीं रहेगी, अगले मानसून तक किसानों के लिए ऐसे काम चलते रहेंगे। उन्होंने एकनाथ शिंदे को शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के हिंदुत्व का सच्चा वारिस बताया। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री रहते हुए शिंदे ने कॉमन मैन की तरह काम किया, फिर डीसीएम यानी डेडिकेटेड टू कॉमन मैन बनकर काम किया, और अब सूखे के संकट में किसानों का जीवन स्तर उठाने के लिए शिंदे साहब डेडिकेटेड टू चेंज मेकर साबित हुए हैं।
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