सराफा व्यापारी को कार में ले गए थे तेलंगाना पुलिस वाले, रात को रिश्तेदारों के हवाले
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देउळगांव राजा में दिनदहाड़े उठाए गए सराफा व्यापारी को तेलंगाना पुलिस ने पूछताछ के बाद सोमवार रात रिश्तेदारों को सौंप दिया।
बुलढाणा जिले के देउलगांव राजा में सोमवार, 2 नवंबर को दिनदहाड़े एक सराफा व्यापारी को कुछ लोग कार में बैठाकर ले गए। इससे पूरे जिले में हड़कंप मच गया। शुरू में इसे अपहरण का मामला समझा गया, लेकिन बाद में पता चला कि व्यापारी को तेलंगाना पुलिस ले गई थी और रात में उन्हें सही-सलामत रिश्तेदारों के हवाले कर दिया गया।
देउलगांव मही के रहने वाले अनिरुद्ध मधुकर शिंगणे (32) सराफा व्यापारी हैं और उनकी सोने-चांदी की दुकान है। वे जमीन की खरीद-बिक्री का काम भी करते हैं। सोमवार को एक जमीन के सौदे के सिलसिले में वे देउलगांव राजा आए थे। वे उप पंजीयक श्रेणी-1 के दफ्तर में अपना काम निपटा रहे थे, तभी चार से पांच लोग वहां पहुंचे।
इन लोगों ने खुद को एलसीबी पुलिस बताया और अनिरुद्ध शिंगणे को इनोवा कार में बैठाकर साथ ले गए। दफ्तर के सामने यह सब दिन के उजाले में हुआ, इसलिए इलाके में हलचल मच गई। थोड़ी ही देर में शहर में खबर फैल गई कि व्यापारी का अपहरण हो गया है। रिश्तेदार फौरन पुलिस स्टेशन पहुंचे और पुलिस को पूरी बात बताई। इसके बाद पुलिस ने तेजी से जांच शुरू कर दी।
संदिग्ध इनोवा कार की तलाश में पूरे जिले में पुलिस दौड़ने लगी। जब खबर मिली कि गाड़ी साखरखेर्डा इलाके में है, तो पुलिस ने कार रोककर पूछताछ की। तब सामने आया कि कार में सवार लोग तेलंगाना के निजामाबाद पुलिस आयुक्तालय की स्थानीय अपराध शाखा के अधिकारी थे। यहीं से मामले ने अनपेक्षित मोड़ ले लिया।
बताया गया है कि निजामाबाद पुलिस आयुक्तालय के तहत सीसीएस के पुलिस निरीक्षक अजय की टीम ने अनिरुद्ध शिंगणे को नविपेट पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले की जांच के लिए हिरासत में लिया था। सोने-चांदी की खरीद-बिक्री में कथित गड़बड़ी की जांच के लिए तेलंगाना पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। रिश्तेदारों के वचनपत्र में उल्लेख है कि नविपेट पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 272/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 331 (3) और 305 के अंतर्गत मामला दर्ज है।
तेलंगाना पुलिस ने पूछताछ और पड़ताल के बाद पाया कि अनिरुद्ध शिंगणे को आगे हिरासत में रखने की जरूरत नहीं है। इसलिए उन्हें सोमवार रात ही रिश्तेदारों को सौंप दिया गया।
अनिरुद्ध शिंगणे के मामा उद्धव चेके (42) और ससुर मनोहर चेके (51), दोनों देउलगांव राजा के रहने वाले हैं। उन्होंने वचनपत्र और स्वीकृतिपत्र दिया है। इस पत्र के मुताबिक 2 नवंबर 2026 को रात 11 बजे महाराष्ट्र के मालेगांव में रिश्तेदारों ने अनिरुद्ध शिंगणे को सुरक्षित और अच्छी सेहत में अपने साथ ले लिया।
रिश्तेदारों ने लिखित में यह भी भरोसा दिया है कि तेलंगाना पुलिस की जांच के सिलसिले में जब भी जांच अधिकारी, पुलिस अधिकारी या अदालत हाजिर होने को कहेगी, अनिरुद्ध शिंगणे को पेश किया जाएगा। पत्र में यह भी लिखा है कि यह वचनपत्र बिना किसी दबाव, लालच, धमकी या जबरदस्ती के अपनी मर्जी से दिया गया है।
दिनदहाड़े सराफा व्यापारी को इनोवा में ले जाने से अपहरण का शक पैदा हुआ था। साखरखेर्डा में गाड़ी रोके जाने पर तेलंगाना पुलिस की जांच की बात सामने आई और देर रात व्यापारी रिश्तेदारों के पास लौट आए। दिन भर पूरे जिले में चर्चा का विषय बने इस मामले का फिलहाल सुखद अंत हो गया है।
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