बुधवार, 4 नवंबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

तकिया दीवान शाह में बेटे को मारने की धमकी देकर हर महीने Rs 10 हजार मांगने का आरोप, एक गिरफ्तार

तकिया दीवान शाह में बेटे को मारने की धमकी देकर हर महीने Rs 10 हजार मांगने का आरोप, एक गिरफ्तार तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

तहसील पुलिस ने तकिया दीवान शाह के रहने वाले खतीब अंसारी गफूर अंसारी को गिरफ्तार किया है। उस पर परिवार से हर महीने Rs 10 हजार मांगने और बेटे को जान से मारने की धमकी देने का आरोप है।

नागपुर के तहसील पुलिस थाना क्षेत्र में तकिया दीवान शाह इलाके से रंगदारी मांगने का एक मामला सामने आया है। आरोप है कि एक आदमी ने एक परिवार से बस्ती में रहने के बदले हर महीने Rs 10 हजार की कथित रंगदारी मांगी। परिवार की शिकायत पर तहसील पुलिस ने मामला दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, शिकायत करने वाले सय्यद आसिफ अली तकिया दीवान शाह इलाके में ही रहते हैं। आरोपी का नाम खतीब अंसारी गफूर अंसारी है और वह भी इसी बस्ती का निवासी है। बताया जाता है कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड है। यह भी कहा जा रहा है कि वह कथित तौर पर बस्ती के लोगों से झगड़ा करता है और उन्हें धमकाता रहता है।

शिकायत के अनुसार, पूरा मामला 30 अक्टूबर की रात शुरू हुआ। आरोप है कि उस रात आरोपी ने सय्यद आसिफ अली के बड़े बेटे को धमकाया। उसने कथित तौर पर कहा कि अगर इस बस्ती में रहना है तो हर महीने Rs 10 हजार देने होंगे, नहीं तो जान से हाथ धोना पड़ेगा।

इसके दो दिन बाद, यानी 2 नवंबर को, आरोपी ने मोबाइल फोन पर सीधे फरियादी से बात की। आरोप है कि उसने फिर से हर महीने Rs 10 हजार की रंगदारी मांगी। शिकायत में यह भी कहा गया है कि रकम न देने पर उसने बेटे की हत्या कर देने की धमकी भी दी।

बार बार मिल रही इन धमकियों से परेशान होकर सय्यद आसिफ अली ने तहसील पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए आरोपी खतीब अंसारी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर लिया।

फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। मामले की आगे की जांच भी जारी है। आरोप अभी पुलिस जांच के दायरे में हैं।

#नागपुर#जुर्म#PT24#Crime#Nagpur

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे