सभी माध्यमों के स्कूलों में स्काउट-गाइड की ट्रेनिंग जरूरी, मंत्री दादाजी भुसे का निर्देश
राज्य के सभी माध्यमों के 1 लाख 8 हजार स्कूलों के करीब 2 करोड़ 10 लाख विद्यार्थियों को स्काउट-गाइड की ट्रेनिंग देने का निर्देश स्कूली शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने दिया है।
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स्कूली शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने निर्देश दिया है कि राज्य के सभी माध्यमों के स्कूलों में स्काउट-गाइड की ट्रेनिंग जरूरी की जाए। इसके दायरे में 1 लाख 8 हजार स्कूल आएंगे और इन स्कूलों के करीब 2 करोड़ 10 लाख विद्यार्थियों को यह ट्रेनिंग मिलेगी।
यह फैसला मंत्री दादा भुसे की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। बैठक में कहा गया कि स्काउट-गाइड का विस्तार सभी स्कूलों में किया जाएगा। अभी राज्य के 30 हजार स्कूलों के करीब 17 लाख 33 हजार विद्यार्थियों को स्काउट-गाइड की ट्रेनिंग दी जाती है। मंत्री दादाजी भुसे ने इस ट्रेनिंग का दायरा बढ़ाकर राज्य के सभी माध्यमों के स्कूलों तक ले जाने को कहा है।
स्कूली शिक्षा विभाग 'राष्ट्र प्रथम' की सोच को केंद्र में रखकर काम कर रहा है। इसी वजह से सभी स्कूलों में स्काउट-गाइड की शिक्षा होना जरूरी बताया गया है। इस उपक्रम के तहत परेड, संचलन और देशभक्ति गीतों पर कवायद को जरूरी किया जाए। साथ ही 'आनंददायी शनिवार' उपक्रम के तहत हफ्ते में दो घंटे 'राष्ट्र प्रथम' की इस सोच के लिए रखे जाएं, ऐसा निर्देश मंत्री दादा भुसे ने दिया।
स्काउट-गाइड उपक्रम के लिए स्कूलों के शिक्षकों को तहसील स्तर पर सात दिन की ट्रेनिंग दी जाए। मंत्री दादाजी भुसे ने बताया कि जिला परिषद स्कूलों के विद्यार्थियों की फीस और प्रशिक्षकों का मानदेय स्कूली शिक्षा विभाग की ओर से दिया जाएगा।
अभी राज्य पुरस्कार पाने वाले विद्यार्थियों को तीन और राष्ट्रपति पुरस्कार पाने वाले विद्यार्थियों को दस अंक दिए जाते हैं। इन अंकों को बढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश मंत्री दादा भुसे ने अधिकारियों को दिया।
बैठक में प्रधान सचिव रणजीत सिंह देओल, स्कूली शिक्षा आयुक्त सचिंद्रप्रताप सिंह (ऑनलाइन) और एससीईआरटी के संचालक मंगेश जोशी (ऑनलाइन) मौजूद थे। उपसचिव तुषार महाजन, स्काउट-गाइड के सहायक राज्य सचिव रमेश जाधव और स्कूली शिक्षा तथा खेल विभाग के संबंधित अधिकारी भी बैठक में हाजिर थे।