शनिवार, 10 अक्टूबर 2026

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16:10 IST

संविधान चौक के पास सड़क बंद करने के प्रस्ताव पर मनपा आयुक्त के सामने संगठनों की आपत्ति

विधानभवन विस्तार के लिए 18 मीटर चौड़ी और 80 मीटर लंबी सड़क बंद करने के प्रस्ताव पर मनपा मुख्यालय में सुनवाई हुई।

संविधान चौक के पास सड़क बंद करने के प्रस्ताव पर मनपा आयुक्त के सामने संगठनों की आपत्ति तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नागपुर के संविधान चौक और उसके आसपास की सार्वजनिक जगह को लेकर विवाद गहरा गया है। विधानभवन के विस्तार के लिए एक सड़क बंद करने का प्रस्ताव है, और इसी पर कई संगठनों ने आपत्ति जताई है। शुक्रवार को मनपा मुख्यालय में आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर ने इन आपत्तियों पर सुनवाई की।

मनपा प्रशासन ने जमीन और सड़क से जुड़ी प्रस्तावित प्रक्रिया पर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए थे। उसी के तहत यह सुनवाई रखी गई। सुनवाई में संगठनों के पदाधिकारियों ने आंदोलन स्थल के भविष्य, लोगों की आवाजाही और प्रस्तावित निर्माण योजना को लेकर सवाल उठाए। आयुक्त ने उनकी चिंताओं का जवाब देने और स्थिति साफ करने की कोशिश की। फिर भी संगठनों ने प्रशासन के कामकाज के तरीके पर पूरी तरह संतुष्टि नहीं जताई।

मनपा के स्थावर विभाग ने महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम, 1949 की धारा 203 के तहत सार्वजनिक सूचना जारी की थी। इसमें विधानभवन परिसर के विस्तार के लिए मौजूदा सार्वजनिक सड़क बंद करने का प्रस्ताव रखा गया है। सूचना के मुताबिक विधानभवन के पास त्रिकोणीय आकार की जमीन और मौजूदा विधानभवन परिसर के बीच करीब 18 मीटर चौड़ी और 80 मीटर लंबी सड़क विस्तार योजना के लिए जरूरी बताई गई है। विवाद की जड़ यही सड़क है।

आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर ने चर्चा में साफ किया कि संविधान चौक के आंदोलन स्थल पर संकट आने की जो बात कही जा रही है, स्थिति वैसी नहीं है। उनके मुताबिक आंदोलन स्थल को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचेगा।

प्रशासन की ओर से बताया गया कि जिस सड़क को बंद करने का प्रस्ताव है, उसके बदले वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जाएगा। प्रशासन का दावा है कि संविधान चौक तक पहुंचने वाला रास्ता बंद नहीं होगा। योजना यह है कि दो सड़कों में से एक को बंद कर दूसरी सड़क की चौड़ाई बढ़ाई जाए।

पूर्व सांसद जोगेंद्र कवाडे, महाराष्ट्र ऑफिसर्स फोरम और दूसरे संगठनों की ओर से आपत्तियां दर्ज कराई गईं। संगठनों का कहना है कि संविधान चौक शहर में आंदोलन और प्रदर्शन के लिए अहम जगह है। उन्हें आशंका है कि सड़क बंद होने से इस जगह के इस्तेमाल और लोगों की आवाजाही पर असर पड़ सकता है।

सुनवाई में वैकल्पिक सड़क, यातायात पर बढ़ने वाले अतिरिक्त दबाव और संविधान चौक के मौजूदा स्वरूप को सुरक्षित रखने की योजना पर सवाल उठे। संगठनों के मुताबिक प्रशासन ने इन मुद्दों पर विस्तृत लिखित योजना रखने के बजाय मौखिक आश्वासन दिए। संगठनों का कहना है कि सिर्फ मौखिक आश्वासन काफी नहीं है, प्रशासन को ठोस योजना सामने रखनी चाहिए।

अब सबकी नजर इस पर है कि सुनवाई के बाद मनपा प्रशासन क्या फैसला लेता है और प्रस्तावित वैकल्पिक मार्ग की योजना किस रूप में सामने आती है।

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