चंद्रपुर के 50 गांवों में एक साथ लगे केशर आम के पौधे, राजुरा के भेंडवी में कलेक्टर ने किया आगाज़
चंद्रपुर जिले की 50 ग्राम पंचायतों में केशर आम की खेती शुरू हुई। जिला स्तर का शुभारंभ राजुरा तालुका के भेंडवी में जिलाधिकारी वसुमना पंत ने किया।
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चंद्रपुर जिले में केशर आम के रोपण की पहल एक ही समय पर 50 ग्राम पंचायतों में शुरू हो गई है। जिला स्तर का शुभारंभ राजुरा तालुका के भेंडवी गांव में हुआ, जहां जिलाधिकारी वसुमना पंत ने कलम लगाकर इसकी शुरुआत की।
इस पहल का मकसद यह है कि ग्राम पंचायतें आर्थिक रूप से सक्षम बनें और हरित आवरण बढ़े। इसके लिए व्हीबीजी-राम-जी योजना और जिला खनिज प्रतिष्ठान निधि, दोनों को मिलाकर इस्तेमाल किया जा रहा है।
यह पहल जिलाधिकारी वसुमना पंत और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुलकित सिंह की परिकल्पना से जिले की 50 ग्राम पंचायतों में चलाई जा रही है। सभी विभाग प्रमुख अलग-अलग जगहों पर खुद मौजूद रहे और उन्होंने केशर आम का रोपण किया।
इस अभियान के लिए दापोली के डॉ. बालासाहेब सावंत कोंकण कृषि विद्यापीठ से खास तौर पर 35 हजार उच्च दर्जे की केशर आम की कलमें मंगवाई गई हैं। रोपण वैज्ञानिक तरीके से हो, इसलिए कोंकण कृषि विद्यापीठ के वैज्ञानिक डॉ. अमोल दडमल खुद चंद्रपुर आए। उन्होंने ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों और कर्मचारियों को आम रोपण की तकनीक, खाद प्रबंधन और देखभाल के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया।
सिर्फ पेड़ लगाकर नहीं रुकते हुए जल संरक्षण को भी साथ जोड़ा गया। राजुरा पंचायत समिति के खंड विकास अधिकारी भागवत रजेवाड के आह्वान पर पंचायत समिति के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी मर्जी से श्रमदान किया। इस श्रमदान से कार्यक्रम स्थल पर वनराई बांध बनाया गया। यह सूखा निवारण के उपाय का हिस्सा है। इससे भूजल स्तर बढ़ेगा और लगाई गई कलमों को भी फायदा होगा।
कार्यक्रम में व्हीबीजी-राम-जी परियोजना के उप जिला समन्वयक गिरीश धायगुडे, राजुरा के तहसीलदार ओमप्रकाश गोंड, खंड विकास अधिकारी भागवत रजेवाड, कोंकण कृषि विद्यापीठ के वैज्ञानिक डॉ. अमोल दडमल, कृषि अधिकारी महेश वट्टी और सहायक परियोजना अधिकारी हेमंत येरमे मौजूद थे। इनके साथ भेंडवी के सरपंच, उपसरपंच, ग्राम पंचायत अधिकारी और पंचायत समिति के सभी अधिकारी व कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।