गड्डीगोदाम के गोल बाजार में गटर का पानी, पार्किंग खत्म, दुकानदार परेशान
नागपुर के गड्डीगोदाम चौक में भोसलेकालीन तुलारामजी साखरे गोल बाजार के दुकानदार पार्किंग, गटरलाइन, सफाई और सुरक्षा की कमी से जूझ रहे हैं।
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नागपुर जिले के गड्डीगोदाम चौक में भोसलेकालीन तुलारामजी साखरे गोल बाजार है। सुविधाओं की कमी से यह बाजार अब बदहाल हो चला है। यहां के दुकानदार बताते हैं कि दिन-ब-दिन उनका कारोबार सिकुड़ता जा रहा है, क्योंकि असुविधा की वजह से ग्राहक कम आ रहे हैं।
दुकानदारों के मुताबिक बाजार की सबसे बड़ी दिक्कत पार्किंग और गटरलाइन की है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी मनपा प्रशासन इन समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं दिखता। उनका आरोप है कि मनपा हर महीने उनसे पूरा किराया वसूलती है, फिर भी नियमित सफाई तक पर ध्यान नहीं दिया जाता।
दुकानदारों ने बताया कि बाजार में पहले एक बड़ा खुला परिसर था, जो अब मेट्रो स्टेशन का हिस्सा बन चुका है। ग्राहक अपनी गाड़ियां इसी जगह खड़ी करते थे, और इसी परिसर की वजह से इस मार्केट को गोल बाजार कहा जाने लगा। अब वहां मेट्रो की इमारत खड़ी हो गई है और पार्किंग की व्यवस्था खत्म हो गई है। पार्किंग न होने से ग्राहक कम हुए हैं और दुकानदारों की परेशानी बढ़ी है।
गोल बाजार में काफी पुराना मटन मार्केट भी है, लेकिन वहां भी समस्याओं का अंबार लगा है। दुकानदारों का कहना है कि गटरलाइन खराब होकर भर चुकी है। उनका आरोप है कि सफाई विभाग के अधिकारी समस्या सुलझाने के बजाय उन्हें धमकाते हैं। उनके मुताबिक सफाईकर्मियों ने बाजार को ही कचराघर बना दिया है और बस्तियों का कचरा भी यहां लाकर डाल दिया जाता है। रविवार को कचरा उठाया ही नहीं जाता, जबकि कारोबार के लिहाज से वही सबसे खास दिन है, इसलिए उस दिन काफी नुकसान होता है।
गटरलाइन की समस्या यहां काफी पुरानी और पेचीदा है। जगह-जगह गटरलाइन चोक हो जाती है और आए दिन गंदा पानी परिसर में बहने लगता है। निकासी की व्यवस्था भी खराब हो चुकी है। इसी वजह से बरसात में कारोबार लगभग चौपट हो जाता है। एक तेज बारिश में भारी जलजमाव हो जाता है और पूरा बाजार तालाब जैसा बन जाता है।
चायपत्ती विक्रेता आशीष वालदे के मुताबिक बाजार में पार्किंग के साथ निकासी की भी व्यवस्था नहीं है और मनपा का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। हर साल बारिश में व्यापारियों को यही परेशानी झेलनी पड़ती है। तेज बारिश में दुकान से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है, ग्राहक आने से कतराते हैं और परिसर का पानी दुकान में घुसने लगता है।
किराना अनाज व्यापारी प्रकाश जैस का कहना है कि इमारत बनने से बाजार की पार्किंग खत्म हो गई और कारोबार बहुत बुरी तरह प्रभावित हुआ, लेकिन प्रशासन ने व्यापारियों के हित में कोई पहल नहीं की। उनके अनुसार मनपा किराया तो पूरा लेती है, पर सुविधाएं कुछ भी नहीं देती, और इसी कमी में यह भोसलेकालीन गोल बाजार अपना अस्तित्व खोता जा रहा है।
दुकानदारों का यह भी कहना है कि रात में दुकानें बंद होने के बाद परिसर में जगह-जगह असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं। शराबियों और जुआरियों की महफिल सज जाती है। कई बार दुकानों में चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे व्यापारियों को नुकसान हुआ है। उनके मुताबिक नागपुर मनपा ने सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं।
चाय नाश्ता विक्रेता नेहा मदने ने बताया कि बाजार परिसर में नियमित सफाई तक नहीं होती और दुकानदारों को खुद सफाई करनी पड़ती है। सबसे बड़ी समस्या गटरलाइन की है, जो रह-रहकर चोक हो जाती है। इससे परिसर में गंदा पानी जमा हो जाता है, बदबू तेजी से फैलती है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। उनका यह भी कहना है कि मार्केट में ढंग से पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं की गई है।