शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

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समृद्धी महामार्ग पर बनेंगे 15 पुलिस मदद केंद्र, छत्रपती संभाजीनगर में कंट्रोल रूम भी

समृद्धी महामार्ग पर बनेंगे 15 पुलिस मदद केंद्र, छत्रपती संभाजीनगर में कंट्रोल रूम भी तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
PT24 टीम

सरकार ने समृद्धी महामार्ग पर 15 पुलिस मदद केंद्र और एक अलग कंट्रोल रूम को मंजूरी दी है। इसके लिए 420 नियमित पद भी बनाए गए हैं।

वर्धा: समृद्धी महामार्ग पर हादसे बढ़ रहे हैं, ट्रैफिक नियम टूट रहे हैं, गाड़ियां तेज रफ्तार से दौड़ाई जा रही हैं और लूटपाट की वारदातें भी हुई हैं। इन सबके बीच मुसाफिरों की सुरक्षा का सवाल सबसे आगे आ गया है। अब सरकार ने इस पर कदम उठाया है और महामार्ग पर 15 हाईवे पुलिस मदद केंद्र और एक अलग कंट्रोल रूम बनाने को मंजूरी दे दी है।

गृहराज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने समृद्धी पर असरदार पुलिस व्यवस्था खड़ी करने की पहल की थी। बताया गया है कि उनकी लगातार कोशिशों के बाद आखिरकार यह मंजूरी मिली है।

गृह विभाग ने इस बारे में सरकारी आदेश (शासनादेश) जारी कर दिया है। आदेश के मुताबिक पुलिस मदद केंद्रों और कंट्रोल रूम के लिए अलग-अलग संवर्ग के 420 नियमित पद बनाने को मान्यता दी गई है। इससे पुलिस की पूरी व्यवस्था चालू होने का रास्ता खुल गया है।

प्रस्तावित 15 जगहें ये हैं: वायफळ, येळाकेळी (वर्धा), धामणगाव-आसेगाव, गावनेर-तळेगाव शिवणी, कारंजा लाड, मालेगाव-जहांगीर, दुसरबीड, सिंदखेड राजा, निढोणा (जालना), सावंगी (छत्रपती संभाजीनगर), हडस-पिंपळगाव, कोकमठाण (शिर्डी), गोंदे-सिन्नर, पिंपरी सद्रोद्दीन (इगतपुरी) और शहापूर-खुटघर। इसके अलावा सरकार ने बताया है कि छत्रपती संभाजीनगर में हाईवे पुलिस का कंट्रोल रूम बनाया जाएगा।

इन पदों के लिए सरकार ने 43 करोड़ 47 लाख 33 हजार 424 रुपये के आवर्ती खर्च को मंजूरी दी है। साथ ही 7 करोड़ 45 लाख 88 हजार 966 रुपये का अनावर्ती खर्च भी मंजूर किया गया है।

उधर महामार्ग पर करमाड इलाके में गाड़ियों पर पत्थर फेंकने का सिलसिला थमा नहीं है। पहले लूटपाट की वारदातें हो चुकी थीं और पुलिस ने महामार्ग पर 8 गश्ती गाड़ियां तैनात कर रखी हैं। इसके बावजूद चलती कार और एक डंपर पर पत्थर फेंके गए। यह घटना महामार्ग के 397 से 398 चैनल के बीच हुई।

इसमें कार का आगे का शीशा टूट गया और मामले में पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई गई है। नक्षत्रवाडी के परमेश्वर पंजरकर (42) अपने दोस्त अमोल पाटील के साथ अर्टिगा कार से नागपुर की तरफ जा रहे थे। रात करीब 10 बजे कार के शीशे पर पत्थर आकर लगा। अचानक हुई इस वारदात के बाद पंजरकर ने गाड़ी नहीं रोकी और सीधे जालना की तरफ निकल गए। उसी वक्त नागपुर की ओर जा रहा एक डंपर भी इसी इलाके में पत्थरबाजी का शिकार हुआ।

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