रोहित पवार की शिंदे को सलाह: भाजपा के साथ ज्यादा समय न रहें, कर्जमाफी पर सरकार को घेरा
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शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को लेकर बड़ा बयान दिया है। राज्य की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है और सत्ताधारी पक्ष व विपक्ष के बीच टकराव दिख रहा है। इसी बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस शरद पवार गुट के विलय की चर्चाएं भी जोरों पर हैं।
रोहित पवार ने शिंदे से अप्रत्यक्ष रूप से गुजारिश की कि वे भाजपा के साथ ज्यादा समय तक न रहें। उनका कहना था कि भाजपा के साथ सत्ता में रहने वाली पार्टियों को राजनीतिक नुकसान हो सकता है। इसी दौरान उन्होंने भाजपा की तीखी आलोचना भी की। महायुति में सब कुछ ठीक न होने की बातें पहले से चल रही हैं, ऐसे में रोहित पवार के बयान से कई लोगों की भौंहें तन गई हैं। इसलिए सवाल उठ रहा है कि क्या राज्य में फिर राजनीतिक भूकंप आएगा।
रोहित पवार ने राष्ट्रवादी कांग्रेस के अजित पवार गुट पर भी तंज कसा। वे बोले, "अपने परिवार की दूसरी पार्टी में आखिर क्या चल रहा है, यह उन्हें खुद ही नहीं पता।"
AI डेटा सेंटर के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को निशाने पर लिया। रोहित पवार का दावा था कि भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं को ही AI डेटा सेंटर के बारे में जानकारी नहीं है। "100 पवार भी आ जाएं तो डेटा सेंटर बनेगा" वाले बयान का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, "100 क्यों, अकेला एक पवार ही आपके लिए काफी है।" उन्होंने यह शक भी जताया कि इस प्रोजेक्ट में स्थानीय विधायकों के करीबी लोगों की हिस्सेदारी है।
किसानों की कर्जमाफी को लेकर रोहित पवार ने कहा कि राज्य सरकार की यह योजना कर्जमाफी की नहीं, बल्कि कर्जवसूली की योजना है। उनके मुताबिक किसानों से किए गए वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि शीतकालीन अधिवेशन तक कर्जमाफी हो जानी चाहिए।
उन्होंने यह मांग भी रखी कि माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की वसूली कम से कम एक साल के लिए रोकी जाए और इसकी जिम्मेदारी सरकार ले।
सूखे के हालात पर रोहित पवार ने कहा कि इस साल की स्थिति 1972 से भी बदतर है। किसानों और उनके परिवारों की हालत देखकर मन भर आता है, ऐसा उन्होंने बताया। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत चारा छावनियां शुरू करे और पानी की समस्या का हल निकाले।


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