रिलायन्स का शेयर करीब 8% चढ़ा, Q2 में 29,550 करोड़ का रिकॉर्ड मुनाफा
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तिमाही नतीजों के बाद सोमवार को रिलायन्स इंडस्ट्रीज का शेयर निफ्टी 50 में सबसे ऊपर रहा और सेन्सेक्स को भी सहारा मिला।
सोमवार का दिन रिलायंस इंडस्ट्रीज और शेयर बाजार, दोनों के लिए खास रहा। बाजार खुलते ही रिलायंस का शेयर तेजी से ऊपर गया और करीब 8% चढ़ गया। निफ्टी 50 में सबसे ज्यादा बढ़ने वाला शेयर यही रहा। NSE और BSE, दोनों जगह सबसे ज्यादा ट्रेडिंग भी इसी शेयर में हुई।
सुबह 10 बजे रिलायंस 7.5% की बढ़त के साथ 1,252 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। इस भाव पर कंपनी का मार्केट कैप 16.94 लाख करोड़ पर पहुंच गया।
रिलायंस अकेले नहीं चढ़ा, उसने पूरे बाजार को ऊपर खींचा। सुबह 10.45 बजे सेंसेक्स 1,050 अंक बढ़कर 75,509 पर था, यानी 1.4% की बढ़त। निफ्टी भी 290 अंक चढ़कर 23,343 पर पहुंच गया। कहा जा सकता है कि आज की तेजी का बड़ा हिस्सा रिलायंस की वजह से ही है।
इस उछाल के पीछे कंपनी के तिमाही नतीजे हैं। जुलाई से सितंबर की तिमाही, यानी Q2 FY27 में रिलायंस ने अब तक का सबसे बड़ा मुनाफा कमाया। कमाई हो या मुनाफा, सब कुछ रिकॉर्ड स्तर पर रहा।
कंपनी की कुल कमाई 28% बढ़कर 3.62 लाख करोड़ हो गई, जो अब तक की सबसे ज्यादा है। EBITDA 24% बढ़कर 62,409 करोड़ रहा। नेट मुनाफा 34% बढ़कर 29,550 करोड़ पर पहुंचा। यानी एक तिमाही में करीब 30 हजार करोड़ का मुनाफा।
सबसे बड़ा योगदान ऑयल-टू-केमिकल, यानी O2C बिजनेस का रहा। इस बिजनेस की कमाई 44.2% बढ़कर 2.32 लाख करोड़ हुई और EBITDA 67.9% बढ़कर 25,203 करोड़ रहा। पेट्रोल और डीजल बनाने पर होने वाला मुनाफा, यानी क्रैक, पिछले साल के मुकाबले 3 से 3.7 गुना बढ़ा है और ऐतिहासिक ऊंचाई पर है।
दूसरी तरफ जियो का कारोबार भी अच्छा चल रहा है। जियो प्लेटफॉर्म की कमाई 11.3% बढ़कर 47,485 करोड़ हो गई और EBITDA 16.6% बढ़कर 21,879 करोड़ रहा। नए ग्राहक जुड़े, प्रति ग्राहक आमदनी बढ़ी और डिजिटल सर्विस का दायरा बढ़ा, इसका फायदा मिला।
नतीजे इतने दमदार आने के बाद बड़ी ब्रोकरेज कंपनियां भी खुश हैं। गोल्डमैन सैक्स और नोमुरा ने तुरंत BUY रेटिंग दी है। गोल्डमैन सैक्स ने टारगेट प्राइस 1,840 रुपये रखा है। शुक्रवार को शेयर 1,164 पर बंद हुआ था और गोल्डमैन के मुताबिक वहां से 58% और बढ़त हो सकती है। उसका कहना है कि कंपनी का EBITDA उसके अंदाज से 9% ज्यादा रहा, और इसकी वजह पूरी तरह O2C है।
नोमुरा ने टारगेट 1,560 रुपये रखा है। उसने भी कहा कि रिफाइनिंग का मुनाफा कई दशकों में सबसे ज्यादा है। कंपनी का कुल EBITDA क्रमिक आधार पर 19% बढ़ा है।
हालांकि दोनों ब्रोकरेज ने एक बात भी कही। दिसंबर की तिमाही में रिफाइनिंग का मुनाफा थोड़ा कम हो सकता है, क्योंकि कच्चा तेल लाने का खर्च, यानी VLCC का भाड़ा, बढ़ा है। रिटेल बिजनेस थोड़ा कमजोर है, क्योंकि त्योहारों की खरीदारी आगे खिसक गई और डिजिटल पर खर्च बढ़ा है। फिर भी उनका कहना है कि टेलीकॉम और ऑयल बिजनेस के दम पर रिलायंस आगे और तेज दौड़ेगा।
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