जियो प्लेटफॉर्म्स का 30,213 करोड़ रुपये का IPO आ रहा है, 21 अक्टूबर को खुलेगा
मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स 30,213 करोड़ रुपये जुटाने के लिए IPO ला रही है। प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर है।
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भारतीय शेयर बाजार में जल्दी ही एक बहुत बड़ा IPO आने वाला है। मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की डिजिटल और टेलीकॉम सेवाएं देने वाली प्रमुख कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) अपना बहुप्रतीक्षित IPO ला रही है। कंपनी ने इस इश्यू के लिए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल कर दिया है और इसके जरिए 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है। बताया जा रहा है कि यह देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO हो सकता है।
इस इश्यू के लिए प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। IPO के एक लॉट में 12 शेयर होंगे। ऊपरी प्राइस बैंड यानी 1,119 रुपये के हिसाब से निवेश करने पर रिटेल निवेशकों को एक लॉट के लिए कम से कम 13,428 रुपये लगाने होंगे। वहीं निचले प्राइस बैंड 1,065 रुपये पर यही रकम 12,780 रुपये रहेगी।
निवेशकों के लिए तारीखें इस तरह हैं। एंकर निवेशकों के लिए 19 अक्टूबर 2026 की तारीख है। IPO 21 अक्टूबर 2026 को खुलेगा और 23 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। शेयर अलॉटमेंट 26 अक्टूबर 2026 को फाइनल होगा और BSE/NSE पर लिस्टिंग 28 अक्टूबर 2026 को होगी।
इस IPO में आम निवेशकों के साथ रिलायंस समूह से जुड़े लोगों के लिए भी खास इंतजाम है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए करीब 2500 करोड़ रुपये के शेयर रिजर्व रखे गए हैं। पात्र कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये के शेयर आरक्षित हैं, और उन्हें प्रति शेयर 54 रुपये की खास छूट (डिस्काउंट) भी मिलेगी।
आकार के मामले में जियो प्लेटफॉर्म्स का यह IPO पहले के कई रिकॉर्ड वाले IPO को पीछे छोड़ता दिख रहा है। इससे पहले ह्युंदै मोटर इंडिया ने 27,870 करोड़ रुपये, NAE के प्रस्तावित IPO ने 22,569 करोड़ रुपये, एलआईसी ने 20,557 करोड़ रुपये और पेटीएम ने 18,300 करोड़ रुपये के इश्यू पेश किए थे। इसलिए 30,213 करोड़ रुपये का यह IPO देश के इतिहास का सबसे बड़ा IPO होगा।
पूरा IPO फ्रेश इश्यू के रूप में है। यानी इससे जुटने वाला सारा पैसा सीधे कंपनी के खाते में जाएगा और कोई पुराना शेयर नहीं बेचा जाएगा। जियो प्लेटफॉर्म्स इस रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपनी प्रमुख सब्सिडियरी कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम का कर्ज चुकाने में करेगी। बाकी रकम दूसरी सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों पर खर्च होगी।