एशिया में बिकवाली के बीच सेंसेक्स 1,002 अंक चढ़ा, रिलायंस 5.43% उछला
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अमेरिकी टेक शेयरों की गिरावट से एशियाई बाजार लाल निशान में रहे, लेकिन भारतीय बाजार मजबूती से खुला।
नवंबर के पहले कारोबारी दिन, सोमवार 2 नवंबर को, शेयर बाजार में बड़ी उथल-पुथल दिखी। पूरे एशिया में बिकवाली का माहौल रहा और ज्यादातर बाजार लाल रंग में थे। इसकी वजह अमेरिका में टेक कंपनियों के शेयरों का तेजी से गिरना बताई गई है।
शुक्रवार को अमेरिका का नैस्डैक 100 पूरे 3.5% टूट गया था। AI से जुड़े शेयर लोगों ने जमकर बेचे, और उसी का असर आज एशिया में नजर आया।
दुनिया भर के निवेशक अब घबराए हुए हैं। AI के शेयर बहुत ज्यादा चढ़ चुके थे, इसलिए सबको डर है कि यह गुब्बारा फूट सकता है। इसी डर से पैनिक सेलिंग शुरू हो गई। आज सुबह जापान का निक्केई 0.39% गिरा और टॉपिक्स 0.51% नीचे आया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.06% लुढ़क गया। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स भी 0.5% नीचे रहा। सिर्फ हांगकांग का हैंगसेंग फ्यूचर्स 0.2% ऊपर था, बाकी हर जगह बिकवाली ही बिकवाली थी।
पिछले कुछ दिनों से एक ही चर्चा चल रही है। बड़ी टेक कंपनियां AI पर हजारों करोड़ रुपये खर्च कर रही हैं, मगर उनका असली कारोबार ही सुस्त पड़ रहा है। ऐसे में फायदा कैसे होगा, यही सवाल निवेशकों के मन में है।
पिछले हफ्ते अल्फाबेट और अमेजॉन के नतीजे आए, जिन्हें देखकर लोग और डर गए। लोगों को लगता है कि कहीं AI की वजह से ही इन कंपनियों की कमाई का धंधा कमजोर न पड़ जाए। इसलिए सब "देखो और इंतजार करो" वाले रुख में हैं। टेक में नया पैसा लगाने को कोई तैयार नहीं है।
एशिया में चारों तरफ गिरावट के बीच भारतीय बाजार का मूड अलग रहा। सुबह खुलते ही बाजार ने जोरदार छलांग लगाई। गिफ्ट निफ्टी पहले ही 200 अंक की बढ़त का इशारा दे रहा था। खुलते ही सेंसेक्स 1002 अंक, यानी 1.35% चढ़कर 75,462 पर पहुंच गया। निफ्टी भी 266 अंक बढ़कर 23,319 पर चला गया।
इस तेजी में रिलायंस सबसे आगे रहा। पिछले हफ्ते तिमाही नतीजों के बाद रिलायंस का शेयर 5.43% बढ़कर 1228 रुपये पर पहुंचा। यानी अमेरिका का असर एशिया पर पड़ा, लेकिन भारत ने उसे टक्कर दी। अब निवेशकों की नजर इस पर टिकी है कि कल अमेरिका में क्या होता है।
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