राष्ट्रीय सुकामेवा दिन: रोज की थाली में मेवे क्यों जरूरी हैं, जानिए उनके फायदे
हर साल 22 अक्टूबर को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय सुकामेवा दिन पर बादाम, अक्रोड, काजू, पिस्ता और मूंगफली के पोषण पर एक नजर।
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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत का ख्याल रखना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। गलत खानपान, जंक फूड का बढ़ता चलन और कसरत की कमी की वजह से कई बीमारियां छोटी उम्र में ही सामने आने लगी हैं। ऐसे में हर साल 22 अक्टूबर को दुनिया भर में 'राष्ट्रीय सुकामेवा दिन' (National Nut Day) मनाया जाता है।
सुकामेवा यानी Dry Fruits and Nuts सिर्फ त्योहारों में तोहफा देने या मिठाई सजाने के लिए नहीं है। यह ऐसा पोषक खजाना है, जो रोज की थाली में होना चाहिए। बादाम, अक्रोड, काजू, पिस्ता, मूंगफली और अंजीर जैसी चीजों में शरीर को हर दिन चाहिए होने वाले जरूरी पोषक तत्व होते हैं।
इस दिन को मनाने का मुख्य मकसद यही है कि आम लोग प्रोसेस किए हुए और सेहत के लिए ठीक न माने जाने वाले स्नैक्स की जगह मुट्ठी भर सुकामेवा खाने की आदत डालें। यह दिन अपने खानपान की आदतों को फिर से गंभीरता से देखने और कुदरत से जुड़ने का मौका देता है।
मेडिकल रिसर्च के मुताबिक सुकामेवा प्रोटीन (Proteins), फाइबर (Fiber), विटामिन (Vitamins) और एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) का अच्छा स्रोत है। इसमें मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स, यानी 'सेहतमंद चर्बी' (Healthy Fats) भी भरपूर मात्रा में होती है।
मेडिकल रिसर्च के मुताबिक नियमित और सही मात्रा में सुकामेवा खाने से खून में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) कम होने में मदद मिलती है और अच्छा कोलेस्ट्रॉल (HDL) बढ़ता है। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा काफी हद तक टलता है। इसके अलावा सुकामेवे के फाइबर से पाचन बेहतर होता है और वजन काबू में रहने में मदद मिलती है।
हर तरह के सुकामेवे की अपनी अलग खासियत बताई गई है। बादाम विटामिन ई (Vitamin E) और मैग्नीशियम से भरपूर होता है। इसे त्वचा की चमक, याददाश्त और हड्डियों की मजबूती के लिए काफी उपयोगी बताया गया है। भिगोए हुए बादाम पाचन के लिए बहुत हल्के माने जाते हैं।
अक्रोड की शक्ल इंसानी दिमाग जैसी होती है और बताया जाता है कि यह दिमाग की सेहत के लिए ही सबसे ज्यादा फायदेमंद है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड (Omega-3 Fatty Acids) भरपूर होता है, जो मानसिक सेहत और एकाग्रता के लिए अच्छा बताया गया है।
काजू में आयरन और जिंक (Zinc) होता है, जो शरीर में खून बढ़ाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने में मदद करता है। सही मात्रा में खाने पर काजू से शरीर को फौरन ऊर्जा मिलती है। पिस्ता आंखों की सेहत के लिए बहुत अच्छा माना जाता है, क्योंकि इसमें ल्यूटिन और ज़ियाक्सैंथिन नाम के एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। साथ ही इसे खून में शुगर का स्तर काबू में रखने में भी गुणकारी बताया गया है।
मूंगफली को गरीबों का बादाम कहा जाता है। यह प्रोटीन का सबसे सस्ता और बढ़िया स्रोत है और मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए इसे रोज के खाने में आसानी से शामिल किया जा सकता है।
राष्ट्रीय सुकामेवा दिन पर स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और सेहत से जुड़ी संस्थाओं में अलग-अलग कार्यक्रम होते हैं। इनमें बच्चों को सुकामेवे की अहमियत बताने वाले सेशन, डाइटीशियन के व्याख्यान और प्रदर्शन शामिल होते हैं। सोशल मीडिया पर #NationalNutDay हैशटैग के साथ लोग सुकामेवे की रेसिपी और उसके फायदे शेयर करके जागरूकता फैलाते हैं।
इस दिन को मनाने का सबसे आसान तरीका है कि आज से अपने और परिवार के खाने में मुट्ठी भर सुकामेवा शामिल करने का इरादा किया जाए। सुबह उठकर भिगोए हुए बादाम और अक्रोड खाना, शाम को तले हुए स्नैक्स की जगह भुनी मूंगफली या पिस्ता खाना, ऐसे छोटे बदलाव जिंदगी में बड़े सकारात्मक नतीजे ला सकते हैं।
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