राष्ट्रवादी के विलय पर फडणवीस बोले: फैसला पवार और पटेल-तटकरे को लेना है, एनडीए से सलाह होगी
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अजित पवार के निधन के बाद राष्ट्रवादी के दोनों गुटों के विलय की चर्चा तेज है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि फैसला उन नेताओं का है, पर एनडीए का घटक दल होने से वे सलाह करेंगे।
अजित पवार के निधन के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस के दोनों गुटों के विलय का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। शरद पवार और सांसद प्रफुल्ल पटेल की मुलाकात के बाद इन चर्चाओं को और हवा मिली। इसी बीच राष्ट्रवादी के प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे ने भी विलय को लेकर अजितदादा के रुख का जिक्र किया। अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन सारी घटनाओं पर अपनी राय रखी है।
दोनों गुटों के साथ आने के सवाल पर बोलते हुए फडणवीस ने कहा कि एक तरफ शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेता हैं, तो दूसरी तरफ सुनेत्रा पवार, पार्थ पवार, प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे नेता हैं। विलय को लेकर जो भी फैसला लेना है, वह उन्हीं को लेना है। फडणवीस ने साफ किया कि एनडीए में शामिल घटक दल होने के नाते वे इस फैसले के बारे में हमसे सलाह-मशविरा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राष्ट्रवादी के दोनों गुटों में से किसी ने भी अब तक एनडीए के नेताओं से इस बारे में कोई बातचीत नहीं की है।
चर्चाओं के तेज होने की शुरुआत दो दिन पहले की एक मुलाकात से हुई। प्रफुल्ल पटेल शरद पवार की तबीयत का हाल पूछने के लिए ब्रीच कैंडी अस्पताल गए थे। इस मुलाकात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। उसमें शरद पवार यह कहते दिखाई दिए कि 10 तारीख के बाद साथ बैठकर बात करेंगे। इस बातचीत के बाद राष्ट्रवादी के विलय को लेकर फिर से तरह-तरह के कयास लगने लगे।
सुनील तटकरे ने भी इस मुद्दे पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर अजित पवार आज जीवित होते तो दोनों राष्ट्रवादी पार्टियां एक साथ दिखतीं। तटकरे ने यह भी बताया कि अजितदादा ने इस बारे में उनसे बातचीत की थी।
इन सब घटनाओं के बाद राजनीतिक गलियारों की नजर इस बात पर टिकी है कि दोनों राष्ट्रवादी गुट सचमुच एक साथ आएंगे या नहीं, और अगर आएंगे तो इसके लिए एनडीए का रुख क्या रहेगा।
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