पुणे मेट्रो लाइन 3 के पांच और स्टेशनों को सुरक्षा मंजूरी, 23 में से 17 को हरी झंडी
हिंजवडी-शिवाजीनगर मेट्रो के पांच और स्टेशनों को CMRS की मंजूरी मिली, बाकी छह स्टेशनों की जांच जारी है और उद्घाटन की तारीख तय नहीं हुई।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
हिंजवडी-शिवाजीनगर मेट्रो प्रोजेक्ट एक अहम पड़ाव पर पहुंच गया है। इस रूट के पांच और स्टेशनों को रेलवे मेट्रो सेफ्टी कमिश्नर यानी CMRS से सुरक्षा मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही कुल 23 में से 17 स्टेशनों पर पैसेंजर सर्विस शुरू करने की प्रक्रिया को रफ्तार मिलेगी।
हिंजवडी से शिवाजीनगर तक यह मेट्रो लाइन करीब 23.2 किलोमीटर लंबी है और पूरे रूट पर 23 स्टेशन बनाए गए हैं। इससे पहले 12 स्टेशनों को सुरक्षा मंजूरी दी जा चुकी थी। अब उनमें पांच स्टेशन और जुड़ने से मंजूरी पाने वाले स्टेशनों की गिनती 17 हो गई है। यह पूरा कॉरिडोर 23.203 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड यानी ऊपर से गुजरने वाला है और पुणे मेट्रो लाइन 3 के नाम से जाना जाता है।
बाकी छह स्टेशनों की सुरक्षा मंजूरी और तकनीकी जांच की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। हालांकि सर्विस कब शुरू होगी, इस पर तस्वीर तभी साफ होगी जब सुरक्षा एजेंसी की सुझाई तकनीकी बातें पूरी कर ली जाएं और जरूरी प्रशासनिक कार्रवाई निपट जाए। बचे हुए छह स्टेशनों की मंजूरी मिलना भी उतना ही जरूरी माना जा रहा है।
उद्घाटन की तारीख को लेकर अभी कुछ तय नहीं है। कुछ खबरों में 3 नवंबर को उद्घाटन होने की संभावना जताई गई है, लेकिन उपलब्ध जानकारी से यह पक्का नहीं होता कि तारीख आधिकारिक तौर पर तय हो चुकी है। इसलिए पुणे के लोगों को असली सर्विस शुरू होने के लिए प्रशासन के आधिकारिक ऐलान का इंतजार करना होगा।
बाणेर, बालेवाडी, औंध और शिवाजीनगर इलाकों से हजारों लोग रोज हिंजवडी आईटी पार्क में काम करने जाते हैं। इन सभी कर्मचारियों को इस मेट्रो से फायदे की उम्मीद है। कई सालों से इस रूट की सड़कों पर ट्रैफिक जाम बढ़ता ही जा रहा था और बहुत से लोगों के घंटों सफर में ही निकल जाते थे। मेट्रो शुरू होने पर उन्हें पब्लिक ट्रांसपोर्ट का एक विकल्प मिलेगा। इससे सफर का वक्त घट सकता है और सड़कों पर गाड़ियों का बोझ भी कम हो सकता है।
स्टेशनों के आसपास की सड़कों का जाल भी बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इस कॉरिडोर के हिंजवडी वाले हिस्से में आठ स्टेशनों के आसपास कुल 19.2 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाई जा रही हैं। यह काम दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है।
यह 19.2 किलोमीटर कोई एक नई सड़क नहीं है। इस योजना में कई छोटे-छोटे हिस्से शामिल हैं, जो मेट्रो स्टेशनों को आसपास के ऑफिस वाले इलाकों, रिहायशी बस्तियों और मौजूदा सड़कों से जोड़ेंगे।
यह काम पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (PMRDA) और महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (MIDC) मिलकर करेंगे। प्लान की गई सड़कों की चौड़ाई करीब 12 मीटर से 30 मीटर के बीच रहेगी, जबकि हर हिस्से की लंबाई 0.5 किलोमीटर से 1.5 किलोमीटर के बीच होगी।