मंगलवार, 3 नवंबर 2026

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पुणे मेट्रो की पिंक लाइन का उद्घाटन हुआ, हिंजवडी से शिवाजीनगर सफर 4 नवंबर से

पुणे मेट्रो की पिंक लाइन का उद्घाटन हुआ, हिंजवडी से शिवाजीनगर सफर 4 नवंबर से तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पुणे मेट्रो की 23 किमी लंबी लाइन-3 यानी पिंक लाइन का उद्घाटन किया। यात्री सेवा 4 नवंबर से शुरू होगी।

पुणे की सड़कों पर ट्रैफिक का बोझ घटाने वाली एक बड़ी सौगात आखिरकार शुरू हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार, 3 नवंबर को वीडियो के जरिए पुणे मेट्रो की लाइन-3 का उद्घाटन कर दिया। इसे पिंक लाइन और पुणेरी मेट्रो भी कहा जा रहा है। माण-हिंजवडी को शिवाजीनगर से जोड़ने वाली इस लाइन में आम मुसाफिर बुधवार, 4 नवंबर से सफर कर सकेंगे। हिंजवडी आईटी पार्क में काम करने वाले हजारों लोग बरसों से इसी मेट्रो की राह देख रहे थे।

कार्यक्रम की तैयारी के मुताबिक समारोह म्हालुंगे-बालेवाडी के शिवछत्रपति क्रीड़ा संकुल के बैडमिंटन हॉल में सुबह साढ़े दस बजे रखा गया था। वहां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार के रहने की बात कही गई थी। पूरी जानकारी पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण यानी PMRDA के आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी ने आकुर्डी स्थित दफ्तर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दी। उनके साथ अतिरिक्त आयुक्त के. मंजुलक्ष्मी, पुणे आईटी सिटी मेट्रो रेल लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिलकुमार सैनी और विशेष प्रोजेक्ट के मुख्य अभियंता रिनाज पठाण भी बैठे थे।

उद्घाटन के भाषण में मोदी ने देश में मेट्रो के फैलाव का हिसाब रखा। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश में चालू मेट्रो रूट कुल 248 किमी के थे, जो अब बढ़कर 1,200 किमी हो चुके हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पुणे मेट्रो के पहले चरण का भूमिपूजन करने का मौका उन्हें दस साल पहले मिला था। उनका कहना था कि हिंजवडी से शिवाजीनगर मेट्रो चालू होने पर शहर के इस बड़े आईटी केंद्र को ट्रैफिक की बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

इस लाइन की लंबाई 23.203 किमी है और पूरा रास्ता एलिवेटेड है। कुल 23 स्टेशन बने हैं और लागत करीब 8,313 करोड़ रुपये बताई गई है। यह प्रोजेक्ट राष्ट्रीय मेट्रो रेल नीति 2017 के तहत सार्वजनिक-निजी भागीदारी में, DBFOT मॉडल पर बना देश का पहला मेट्रो प्रोजेक्ट है। इसे पुणे आईटी सिटी मेट्रो रेल लिमिटेड चला रही है, जिसमें टीआरआईएल अर्बन ट्रांसपोर्ट और सीमेंस प्रोजेक्ट वेंचर्स शामिल हैं। टाटा और सीमेंस की साझेदारी की बात भी बताई गई। रेलवे डिज़ाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन की जांच पूरी हो चुकी है। माण से आर. के. लक्ष्मण म्यूजियम तक के 12.60 किमी वाले पहले हिस्से को 23 जुलाई 2026 को मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त की आखिरी मंजूरी मिली। बाकी पांच स्टेशनों वाले हिस्से को 23 सितंबर 2026 को सुरक्षा मंजूरी दी गई।

शुरुआत में 23 में से सिर्फ 17 स्टेशन चालू होंगे। बाकी छह का काम अधूरा है, इसलिए वे अभी बंद रहेंगे। इसके बावजूद माण से जिला न्यायालय तक मुसाफिर बिना रुकावट सफर कर पाएंगे। स्टेशन क्रमांक 13 और 14 नवंबर के आखिर तक तैयार करने की योजना है। स्टेशन 15, 16, 20 और 22 जनवरी 2027 तक एक-एक करके खुलेंगे।

चालू होने वाले 17 स्टेशनों में दस पर दोनों सीढ़ियां खुली रहेंगी। इनमें औंध, वाकड चौक, मिटकॉन बालेवाडी, आर. के. लक्ष्मण म्यूजियम, सकाळनगर, सावित्रीबाई फुले पुणे विद्यापीठ, हिंजवडी फेज-1, म्हालुंगे का क्रीड़ा संकुल, शिवाजी महाराज चौक और हिंजवडी फेज-2 का सर्कल-2 आते हैं। बाकी सात स्टेशनों पर फिलहाल एक ही सीढ़ी चालू रहेगी। ये हैं माण, माण बस डिपो, माण-एमआयडीसी सर्कल फेज-2, हिंजवडी फेज-2 का सर्कल-1, पद्मभूषण चौक, कृषि महाविद्यालय और जिला व सत्र न्यायालय।

रोज की सेवा 4 नवंबर को सुबह 6 बजे माण स्टेशन से शुरू होगी। सुबह दफ्तर जाने की भीड़ में यानी साढ़े सात से साढ़े नौ बजे तक और शाम को 4 से 7 बजे तक हर 6 मिनट में मेट्रो मिलेगी। बाकी वक्त हर 12 मिनट में गाड़ी आएगी। माण से जिला न्यायालय की आखिरी गाड़ी रात 10.30 बजे छूटेगी और उलटी दिशा में जिला न्यायालय से माण की आखिरी गाड़ी रात 11.40 बजे है। अधिकारियों का अंदाजा है कि रोज 2 से 2.5 लाख लोग इसमें चढ़ेंगे। इस रूट के लिए 22 ट्रेन सेट तैयार हैं।

किराया महामेट्रो की मौजूदा लाइनों से ऊंचा रखा गया है। पिंपरी-चिंचवड महापालिका से स्वारगेट और वनाज से रामवाडी के रूट पर कम से कम 10 और ज्यादा से ज्यादा 35 रुपये लगते हैं। नई लाइन पर न्यूनतम 12 और अधिकतम 62 रुपये हैं, यानी न्यूनतम में 2 रुपये और अधिकतम में 27 रुपये का फर्क है। चौधरी ने ये दरें 31 अक्टूबर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताई थीं। यह फर्क आम तौर पर पीपीपी मॉडल और बढ़ी पूंजी लागत की वजह से बताया गया है, और आयुक्त ने खुद माना कि टिकट थोड़ा महंगा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक 2 से 8 किमी के चरणों में महामेट्रो के मुकाबले करीब 5 से 12 रुपये ज्यादा देने पड़ेंगे। दूरी के हिसाब से दरें इस तरह हैं: 0 से 2 किमी के 12 रुपये, 2 से 4 किमी के 25 रुपये, 4 से 8 किमी के 37 रुपये, 12 से 18 किमी के 49 रुपये और 18 किमी से ऊपर 62 रुपये। 8 से 12 किमी के किराये पर दो रिपोर्टों में फर्क है: एक में 45 रुपये लिखा है, दूसरी में 43 रुपये, इसलिए इस एक दर की पुष्टि अभी बाकी है। पूरे सफर की बात करें तो जिला कोर्ट से हिंजवडी फेज 3 यानी मेगापोलिस सर्कल तक 62 रुपये लगेंगे। दूरी के लिहाज से माण से शिवाजीनगर 23.2 किमी है, जबकि पीसीएमसी से स्वारगेट 16.6 किमी और वनाज से रामवाडी 14.6 किमी है।

पूरा सफर करीब 45 मिनट में होगा। अभी हिंजवडी पहुंचने में आईटी कर्मचारियों को जाम में डेढ़ से दो घंटे लग जाते हैं, इसलिए रोज का कम से कम एक घंटा बचने का अनुमान है। टिकट खिड़की के अलावा QR कोड से भी टिकट मिलेगा और अब व्हाट्सऐप पर भी टिकट लिया जा सकेगा। महामेट्रो के ऐप में इस नई लाइन को जोड़ा जाएगा। तीनों लाइनों के लिए एक ही टिकट वाला अलग ऐप भी बनाया गया है और एनसीएमसी कार्ड चलेगा। जिला न्यायालय स्टेशन पर यह लाइन महामेट्रो की लाइन-1 और लाइन-2 से जुड़ती है, यानी पिंपरी-चिंचवड से स्वारगेट और वनाज से रामवाडी के मुसाफिर यहां से आगे बढ़ सकेंगे।

डिब्बे एसी हैं और मोबाइल व लैपटॉप चार्ज करने का इंतजाम है। ये अल्स्टॉम के बने हैं। गाड़ियां 750 वोल्ट डीसी थर्ड रेल पर दौड़ेंगी और सिग्नल के लिए CBTC सिस्टम लगा है। सभी गाड़ियां करीब 100 महिला ट्रेन पायलट चलाएंगी, और स्टेशन कंट्रोलर, टिकट स्टाफ व अटेंडेंट मिलाकर स्टाफ में लगभग आधी महिलाएं रहेंगी। सुरक्षा के लिए महाराष्ट्र राज्य सुरक्षा महामंडल के 350 जवान स्टेशनों पर लगाए गए हैं।

स्टेशनों से आगे के सफर के लिए पीएमपीएमएल बस, रिक्शा, ओला-उबर टैक्सी और ई-बाइक मिलेंगी। चढ़ने और उतरने के लिए अलग पिकअप-ड्रॉप पॉइंट बन रहे हैं। दोपहिया और चारपहिया की पार्किंग, साइकिल ट्रैक, फुटपाथ, पैदल crossing और ऊपरी पैदल पुल भी तैयार किए गए हैं। हिंजवडी, वाकड, बाणेर, बालेवाडी, औंध, म्हालुंगे, गणेशखिंड रोड और शिवाजीनगर में ट्रैफिक का दबाव घटने की उम्मीद है।

पर्यावरण पर भी ध्यान दिया गया है। प्रोजेक्ट में 7.60 मेगावॉट सौर क्षमता लगी है, जिसमें 6.10 मेगावॉट स्टेशनों पर और 1.50 मेगावॉट कार डिपो में है। इससे करीब 30 फीसदी बिजली की जरूरत पूरी होगी। निर्माण में जीजीबीएस तकनीक अपनाने से 28 हजार टन कार्बन उत्सर्जन रुका है। इसी प्रोजेक्ट के तहत गणेशखिंड रोड पर विद्यापीठ चौक में दो मंजिला एकीकृत फ्लाईओवर भी बना है। औंध से शिवाजीनगर की ओर का हिस्सा 20 अगस्त 2025 को खुला था, और शिवाजीनगर-बाणेर व बाणेर-शिवाजीनगर दोनों दिशाओं का ट्रैफिक 8 मार्च 2026 से चल रहा है। पाषाण रैंप का काम दिसंबर 2026 में पूरा होना है।

चौधरी ने कहा, "पुणेरी मेट्रो हिंजवडी जैसे तेज़ी से बढ़ते आईटी हब को शहर के मध्य भाग से जोड़ने वाली जीवनरेखा साबित होगी। इस सेवा से हिंजवडी, बाणेर, औंध और शिवाजीनगर इलाके की रोज़ की ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक कम होगी। रोज़ करीब दो से ढाई लाख लोग इस मेट्रो का फायदा लेंगे, ऐसा हमारा अनुमान है।"

सैनी ने कहा, "यात्रियों को तेज़ और आरामदायक सफ़र देने के लिए अल्स्टॉम की अत्याधुनिक एसी गाड़ियां, सीबीटीसी सिग्नलिंग और 750 वोल्ट डीसी थर्ड रेल सिस्टम चालू किया गया है। महामेट्रो और लाइन-3 के लिए संयुक्त टिकट ऐप से लोग बिना रुकावट सफ़र कर पाएंगे।"

पठाण ने निर्माण में पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने को सबसे ऊपर रखे जाने की बात कही।

इस मेट्रो का सफर लंबा रहा है। भूमिपूजन नवंबर 2018 में मोदी के हाथों हुआ था। तब उम्मीद थी कि पांच साल में काम निपट जाएगा, पर कोरोना ने काम रोक दिया। फिर मार्च 2025 की डेडलाइन दी गई, वह भी निकल गई। करीब छह से आठ बार तारीखें खिसकीं और अब नौ साल बाद मेट्रो चल रही है। आम तौर पर दूसरी मेट्रो उद्घाटन के दो-तीन घंटे बाद ही मुसाफिरों के लिए खुल जाती हैं, पर यहां उद्घाटन 3 तारीख को हुआ और सेवा 4 तारीख से शुरू होगी।

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