हिंजवडी से शिवाजीनगर मेट्रो 4 नवंबर से दौड़ेगी, पहली गाड़ी सुबह 6 बजे; किराया 12 से 62 रुपये
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पुणे मेट्रो लाइन-3 (पुणेरी मेट्रो, पिंक लाइन) का लोकार्पण 3 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होगा। आम यात्रियों के लिए सेवा 4 नवंबर की सुबह 6 बजे से शुरू होगी।
पुणे और पिंपरी-चिंचवड के लोग जिस मेट्रो का लंबे समय से इंतज़ार कर रहे थे, वह अब चालू होने को तैयार है। 'पुणे मेट्रो लाइन-3', यानी पुणेरी मेट्रो (पिंक लाइन), माण-हिंजवडी से शिवाजीनगर तक जाती है। हिंजवडी आईटी इलाके की ट्रैफिक जाम की समस्या तोड़ने में इसे मील का पत्थर माना जा रहा है। इस मार्ग का लोकार्पण 3 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा अजित पवार मौजूद रहेंगे।
रोज़ की यात्रियों वाली सेवा 4 नवंबर को सुबह 6.00 बजे से शुरू होगी। इसका ऐलान पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) के महानगर आयुक्त डॉ. अभिजित चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। आकुर्डी में पीएमआरडीए के मुख्यालय में हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अतिरिक्त महानगर आयुक्त के. मंजुलक्ष्मी, 'पुणे आईटी सिटी मेट्रो रेल लिमिटेड' (पीआईटीसीएमआरएल) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिलकुमार सैनी और मुख्य अभियंता (विशेष प्रोजेक्ट) रिनाज पठाण भी हाज़िर थे।
यह पूरा मार्ग 23.203 किलोमीटर लंबा है और पूरी तरह एलिवेटेड है। केंद्र की राष्ट्रीय मेट्रो रेल नीति 2017 के तहत सार्वजनिक-खासगी भागीदारी (पीपीपी) के आधार पर डीबीएफओटी तरीके से बना यह देश का पहला मेट्रो प्रोजेक्ट है। टाटा और सीमेंस की साझेदारी से बनी कंपनी पीआईटीसीएमआरएल ने करीब 8 हज़ार 313 करोड़ रुपये खर्च करके यह लाइन खड़ी की है।
मार्ग पर कुल 23 स्टेशन हैं, जिनमें से पहले चरण में 17 स्टेशन यात्रियों के लिए खोले जा रहे हैं। इनमें माण, हिंजवडी फेज-2 सर्कल-1, पद्मभूषण चौक, कृषि महाविद्यालय और जिला न्यायालय जैसे सात स्टेशनों पर शुरुआत में एक ही सीढ़ी खुली रहेगी। बाकी 10 स्टेशनों पर दोनों सीढ़ियां खुली होंगी। स्टेशन क्रमांक 13 और 14 का काम नवंबर के आखिर तक पूरा होगा। बचे हुए चार स्टेशन जनवरी 2027 तक चरणबद्ध तरीके से चालू होंगे। पूरे मार्ग को रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) से ज़रूरी सुरक्षा सर्टिफिकेट मिल चुके हैं।
पीएमआरडीए ने रियायत करार (कंसेशन एग्रीमेंट) के हिसाब से दूरी के आधार पर किराया तय किया है। 0 से 2 किमी के लिए 12 रुपये, 2 से 4 किमी के लिए 25 रुपये, 4 से 8 किमी के लिए 37 रुपये, 8 से 12 किमी के लिए 43 रुपये और 12 से 18 किमी के लिए 49 रुपये लगेंगे। 18 किमी से ज़्यादा दूरी का किराया 62 रुपये है।
यह किराया महामेट्रो से ज़्यादा है। महामेट्रो की मौजूदा लाइनों (पिंपरी से स्वारगेट और वनाज से रामवाड़ी) पर अधिकतम किराया 35 रुपये तक सीमित है, जबकि पुणेरी मेट्रो का अधिकतम किराया 62 रुपये रखा गया है। 2 से 8 किलोमीटर के चरणों में भी यह महामेट्रो से करीब 5 से 12 रुपये महंगा है। पीपीपी मॉडल और बढ़ते पूंजी खर्च की वजह से यह बढ़ोतरी हुई है, लेकिन रोज़ सफ़र करने वाले आईटी कर्मचारियों और नौकरीपेशा लोगों की जेब पर इसका अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
पहली गाड़ी सुबह 6 बजे निकलेगी। पीक आवर्स में हर 6 मिनट पर और बाकी वक्त हर 12 मिनट पर मेट्रो चलेगी। माण स्टेशन से जिला न्यायालय के लिए आखिरी गाड़ी रात 10.30 बजे छूटेगी, जबकि जिला न्यायालय से माण के लिए आखिरी गाड़ी रात 11.40 बजे रवाना होगी। जिला न्यायालय स्टेशन पर महामेट्रो की लाइन-1 और लाइन-2 से सीधा इंटरचेंज दिया गया है। यात्रियों के लिए संयुक्त ऐप और 'एनसीएमसी' कार्ड की सुविधा भी रहेगी।
पुणेरी मेट्रो की सभी गाड़ियां करीब 100 महिला ट्रेन पायलट चलाएंगी। स्टेशन कंट्रोलर और दूसरे कर्मचारियों में 50 प्रतिशत से ज़्यादा महिलाएं होंगी। प्रोजेक्ट में 7.60 मेगावॉट की सौर ऊर्जा क्षमता लगाई गई है और 30 प्रतिशत बिजली की ज़रूरत सौर ऊर्जा से पूरी होगी। निर्माण में जीजीबीएस तकनीक इस्तेमाल होने से 28 हज़ार टन कार्बन उत्सर्जन रोका गया है।
डॉ. अभिजित चौधरी, महानगर आयुक्त, पीएमआरडीए ने कहा, "पुणेरी मेट्रो हिंजवडी जैसे तेज़ी से बढ़ते आईटी हब को शहर के मध्य भाग से जोड़ने वाली जीवनरेखा साबित होगी। इस सेवा से हिंजवडी, बाणेर, औंध और शिवाजीनगर इलाके की रोज़ की ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक कम होगी। रोज़ करीब दो से ढाई लाख लोग इस मेट्रो का फायदा लेंगे, ऐसा हमारा अनुमान है।"
अनिलकुमार सैनी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पीआईटीसीएमआरएल ने कहा, "यात्रियों को तेज़ और आरामदायक सफ़र देने के लिए अल्स्टॉम की अत्याधुनिक एसी गाड़ियां, सीबीटीसी सिग्नलिंग और 750 वोल्ट डीसी थर्ड रेल सिस्टम चालू किया गया है। महामेट्रो और लाइन-3 के लिए संयुक्त टिकट ऐप से लोग बिना रुकावट सफ़र कर पाएंगे।"
रिनाज पठाण, मुख्य अभियंता (विशेष प्रोजेक्ट), पीएमआरडीए ने कहा, "प्रोजेक्ट के निर्माण में पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने को सबसे ज़्यादा अहमियत दी गई है। 28 हज़ार टन कार्बन उत्सर्जन टालने के साथ 5 हज़ार 500 पेड़ लगाए गए हैं और 750 पेड़ों का कामयाब पुनर्रोपण किया गया है। गणेशखिंड रोड पर विद्यापीठ चौक का पाषाण रैंप भी दिसंबर के आखिर तक पूरा हो जाएगा।"
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