मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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21:06 IST

NCC कैडेट्स को अब ड्रोन के साथ साइबर सिक्योरिटी की भी ट्रेनिंग

NCC के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने पुणे में बताया कि कैडेट्स की ट्रेनिंग में आधुनिक स्किल जोड़े जा रहे हैं।

NCC कैडेट्स को अब ड्रोन के साथ साइबर सिक्योरिटी की भी ट्रेनिंग
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

राष्ट्रीय छात्र सेना (NCC) की ट्रेनिंग में अब नई तकनीक वाली स्किल शामिल की जा रही हैं। भविष्य में तकनीक से जुड़ी जो चुनौतियां आएंगी, उनका सामना करने के लिए यह कदम उठाया गया है। कैडेट्स को नागरी उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से मान्यता प्राप्त ड्रोन ट्रेनिंग दी जा रही है और साथ में साइबर सिक्योरिटी के सबक भी पढ़ाए जा रहे हैं। यह जानकारी NCC के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने बुधवार को दी।

वत्स ने पुणे में NCC ग्रुप मुख्यालय का दौरा किया। वहां उन्होंने अलग-अलग गतिविधियों और ट्रेनिंग के इंतजाम का जायजा लिया। महाराष्ट्र निदेशालय के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर जनरल विवेक त्यागी इस मौके पर मौजूद थे। ट्रेनिंग कैंप में कैडेट्स से बात करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल वत्स ने उनसे अनुशासन, नेतृत्व, निःस्वार्थ सेवा और जिम्मेदार नागरिकता के मूल्य अपनाने की अपील की।

ड्रोन और साइबर सिक्योरिटी के अलावा आपदा प्रबंधन, नेतृत्व, व्यक्तित्व विकास, चिकित्सक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी पर भी जोर दिया जा रहा है। कोशिश यह है कि कैडेट्स जिम्मेदार नागरिक बनें और साथ ही आगे रोजगार के मौकों के लिए भी तैयार हों।

वत्स ने कहा कि तकनीक बदल रही है, तो आने वाले वक्त की जरूरतें भी बदल रही हैं। इसलिए पारंपरिक सैन्य ट्रेनिंग के साथ आधुनिक स्किल सिखाना जरूरी है। खेती, ट्रांसपोर्ट और रक्षा समेत कई क्षेत्रों में ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ने वाला है, इसीलिए कैडेट्स को इसकी ट्रेनिंग दी जा रही है। साइबर सिक्योरिटी की ट्रेनिंग 'नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी' (NIELIT) के जरिए दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इन स्किल से कैडेट्स की नई तकनीक से पहचान होगी और रोजगार पाने की क्षमता भी बढ़ेगी।

परेड के लिए सिर्फ 3 से 5 प्रतिशत वक्त: वत्स के मुताबिक NCC की कुल ट्रेनिंग में परेड को सिर्फ तीन से पांच प्रतिशत वक्त दिया जाता है। बाकी वक्त में सैन्य स्किल के साथ समाज सेवा, समुदाय का विकास, नेतृत्व, व्यक्तित्व विकास और चिकित्सक सोच की ट्रेनिंग होती है। इसलिए NCC को सिर्फ अनुशासन और परेड की नजर से नहीं, बल्कि युवाओं के सर्वांगीण विकास के मंच के तौर पर देखा जा रहा है। 'नशामुक्त भारत', 'क्षयरोगमुक्त भारत', 'एक पेड़ माँ के नाम' और आपदा प्रबंधन जैसे अभियानों से कैडेट्स को सामाजिक मुद्दों से जोड़ा जा रहा है। प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना में भी NCC कैडेट्स को हिस्सा लेने का मौका दिया गया है।

12 साल में कैडेट्स की तादाद 13 लाख से 20 लाख: देश में NCC कैडेट्स की संख्या पिछले 12 साल में 13 लाख से बढ़कर 20 लाख तक पहुंच गई है। महिला कैडेट्स को ज्यादा से ज्यादा मौके देने पर भी जोर है। कई शिक्षण संस्थान NCC शुरू करने के इंतजार में हैं, फिर भी वत्स ने साफ किया कि अभी सिर्फ विस्तार करने के बजाय मौजूदा इंतजाम को मजबूत करने और ट्रेनिंग की क्वालिटी बढ़ाने पर ध्यान है। उन्होंने महाराष्ट्र की NCC महिला कैडेट्स की तारीफ भी की, जिन्होंने लगातार तीन साल प्रधानमंत्री रैली में 'अखिल भारतीय सर्वश्रेष्ठ कैडेट' का सम्मान हासिल किया।

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