फोन चोरी या गुम होने पर भी डेटा रहेगा महफूज, गूगल की इन पांच सेटिंग को अभी ऑन करें
फोन चोरी हो जाए या खो जाए तो फोटो, यूपीआई अकाउंट और बैंकिंग डिटेल्स बचाने के लिए पांच सिक्योरिटी फीचर काम आते हैं।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
फोन चोरी हो जाए या कहीं खो जाए, तो सबसे बड़ा डर यही होता है कि उसमें रखे फोटो, यूपीआई अकाउंट, बैंकिंग डिटेल्स और दूसरी जरूरी जानकारी किसी गलत आदमी के हाथ न लग जाए। यूजर्स की इसी फिक्र को देखते हुए अब कई कंपनियां स्मार्टफोन में कुछ सिक्योरिटी फीचर देती हैं। इनसे यूजर की सुरक्षा बढ़ती है और फोन चोरी हो या गुम हो जाए, तब भी आपकी हिफाजत की जा सकती है।
इन फीचर्स को इस्तेमाल करने के लिए एक शर्त है। फोन में स्क्रीन लॉक सेट होना जरूरी है। इसके बिना ये फीचर काम नहीं करेंगे।
पहला फीचर है थेफ्ट प्रोटेक्शन। सबसे पहले फोन की सेटिंग खोलें और गूगल में जाएं। वहां ऑल सर्विस पर टैप करें। इसके अंदर पर्सनल अँड डिवाइस सेफ्टी सेक्शन में थेफ्ट प्रोटेक्शन का ऑप्शन दिखेगा। उसे ऑन कर दें।
दूसरा फीचर है थेफ्ट डिटेक्शन लॉक। फोन चोरी होने पर मोशन सेंसर, वाई-फाई और ब्लूटूथ से कुछ संकेत मिलते हैं। इन्हीं की मदद से चोरी जैसी हरकत पहचानी जाती है और ऐसे में फोन की स्क्रीन अपने आप लॉक हो सकती है। इसे चालू करने के लिए सेटिंग में गूगल पर जाएं और ऑल सर्विस के अंदर थेफ्ट डिटेक्शन लॉक ऑन करें।
तीसरा फीचर है ऑफलाइन डिवाइस लॉक। चोर अक्सर फोन का इंटरनेट बंद कर देते हैं ताकि फोन को ट्रैक न किया जा सके। ऐसे में यह फीचर काम आता है। फोन इंटरनेट से कट जाए तो थोड़ी ही देर में यह फोन की स्क्रीन लॉक कर सकता है। सेटिंग में गूगल पर जाएं, ऑल सर्विस में थेफ्ट प्रोटेक्शन पर क्लिक करें और वहां ऑफलाइन डिवाइस लॉक का ऑप्शन चालू कर दें।
चौथा फीचर है रिमोट लॉक। फोन चोरी हो या खो जाए, तो आप किसी दूसरे फोन या कंप्यूटर से स्क्रीन लॉक करने की रिक्वेस्ट भेज सकते हैं। इसके लिए पहले थेफ्ट प्रोटेक्शन सेटिंग में जाकर रिमोट लॉक ऑन करें और अपना फोन नंबर वेरिफाई करें। फोन चोरी होने के बाद किसी दूसरे डिवाइस के ब्राउजर में android.com/lock खोलें। यहां कुछ वेरिफिकेशन प्रोसेस पूरी करनी होगी। उसके बाद आप चोरी हुए फोन को लॉक करने की रिक्वेस्ट भेज सकते हैं। इसके लिए फोन में स्क्रीन लॉक, एक्टिव सिम, वेरिफाइड फोन नंबर और फाइंड हब की सुविधा होना जरूरी है।
पांचवां फीचर है आइडेंटिटी चेक। यह एक एक्स्ट्रा सिक्योरिटी फीचर है। इसमें एक खास इलाके के बाहर संवेदनशील सेटिंग्स और अकाउंट से जुड़े काम करने के लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन मांगा जाता है। इससे कोई अनजान आदमी फोन की सिक्योरिटी सेटिंग नहीं बदल पाएगा और न ही अकाउंट से जुड़ी गतिविधि पर नजर रख पाएगा। इसे चालू करने के लिए सेटिंग में गूगल पर जाएं, ऑल सर्विस और थेफ्ट प्रोटेक्शन खोलें, फिर आइडेंटिटी चेक चुनें और स्क्रीन पर दिए निर्देशों का पालन करें। इस फीचर के लिए फिंगरप्रिंट या फेस अनलॉक जैसा बायोमेट्रिक ऑप्शन और स्क्रीन लॉक दोनों चाहिए।
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