नागपुर में बिना OC वाली इमारतों पर NMC का शिकंजा, करीब 3,000 को नोटिस
नागपुर महानगरपालिका ने बिना ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट वाली इमारतों के खिलाफ नोटिस अभियान पूरा कर लिया है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नागपुर महानगरपालिका (NMC) ने शहर की उन इमारतों के खिलाफ अपना नोटिस अभियान पूरा कर लिया है, जिनके पास ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) नहीं है। NMC के टाउन प्लानिंग डिपार्टमेंट ने करीब 3,000 बिल्डरों, हाउसिंग सोसायटियों और मकान मालिकों को नोटिस भेजे हैं। इन सभी से कहा गया है कि वे मंजूर बिल्डिंग प्लान और बाकी जरूरी कागजात जमा करें।
नोटिस के जवाब आने के बाद NMC उन लोगों पर कार्रवाई की तैयारी में है, जो नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे।
यह अभियान 17 सितंबर को शुरू हुआ था। शुरू में सभी संबंधितों को नोटिस देने की आखिरी तारीख 2 अक्टूबर रखी गई थी। लेकिन स्टाफ पर काम का बोझ बढ़ गया और उसे स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) और दूसरी सरकारी ड्यूटियों में भी लगाया गया। इसी वजह से अभियान में देरी हुई और नोटिस देने का काम 26 अक्टूबर तक चलता रहा।
अभियान में करीब 3,000 बिल्डरों, हाउसिंग सोसायटियों और मकान मालिकों को नोटिस दिए गए। उनसे मंजूर बिल्डिंग प्लान और OC से जुड़े कागजात मांगे गए हैं।
नोटिस जारी होने के बावजूद कागजात जमा करने का काम उम्मीद की रफ्तार से आगे नहीं बढ़ रहा है। विभाग के सूत्रों के मुताबिक कुछ बिल्डर और मकान मालिक जरूरी कागजात देने के बजाय अपनी परेशानी लेकर जनप्रतिनिधियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। ऐसे मामलों में विभाग पर दबाव बनाने की कोशिशों की भी चर्चा है।
अब नोटिस अभियान खत्म होने के बाद टाउन प्लानिंग डिपार्टमेंट के सामने कागजात की जांच करने और नियमों का पालन करवाने की चुनौती है। बिना OC वाली इमारतों के मामलों की समीक्षा NMC कमिश्नर डॉ. विपिन के निर्देशों के बाद की जाएगी। उस समीक्षा के आधार पर संबंधित बिल्डरों, हाउसिंग सोसायटियों और मकान मालिकों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की योजना बनेगी।
फिलहाल विभाग का पूरा ध्यान नोटिस के जवाब लेने और जरूरी कागजात इकट्ठा करने पर है। यह देखना बाकी है कि कितने इमारत मालिक तय कागजात जमा करते हैं और कितने मामलों में नियम तोड़ने पर कार्रवाई करनी पड़ती है।
टाउन प्लानिंग डिपार्टमेंट के अधिकारी विद्युत ढेंगले के मुताबिक करीब 3,000 बिल्डरों और मकान मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। संबंधित मामलों में आगे की कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन और निर्देशों के हिसाब से होगी।
बिना OC वाली इमारतों के खिलाफ नोटिस अभियान तो पूरा हो गया है, लेकिन अब सबकी नजर NMC के अगले कदम पर रहेगी। कागजात की जांच के बाद नियम तोड़ने वालों पर कितनी कार्रवाई होती है, यह आगे देखना होगा।
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