पावरफुल रैम के बावजूद फोन हैंग क्यों होता है, ये हैं वजहें
8GB, 12GB या 16GB रैम वाला स्मार्टफोन भी कई बार हैंग होता है। जानिए इसकी वजहें और इसका हल।
नया स्मार्टफोन खरीदते वक्त ज्यादातर लोग तीन चीजों पर सबसे ज्यादा ध्यान देते हैं: कैमरा, रैम और बैटरी। 8GB, 12GB या 16GB रैम वाला फोन बेहतर माना जाता है, और कई लोगों को लगता है कि ऐसे फोन हैंग नहीं होते। लेकिन क्या सच में ऐसा है?
हकीकत यह है कि दमदार रैम वाले फोन में भी हैंग होने की दिक्कत आ जाती है। फोन स्लो हो जाता है और उसके ऐप्स ठीक से काम नहीं करते। तब यूजर्स के मन में सवाल उठता है कि रैम पावरफुल होने के बावजूद डिवाइस हैंग क्यों होता है और परफॉर्मेंस खराब क्यों हो जाती है। आइए इसे तफसील से समझते हैं।
पहली बात यह कि फोन की स्पीड सिर्फ रैम पर टिकी नहीं होती। प्रोसेसर, स्टोरेज की स्पीड, सॉफ्टवेयर ऑप्टिमाइजेशन और बैकग्राउंड में चल रहे ऐप्स, ये सब मिलकर फोन का परफॉर्मेंस तय करते हैं। अगर आपके फोन की रैम तेज है लेकिन प्रोसेसर पुराना है, तो डिवाइस का परफॉर्मेंस खराब हो सकता है।
दूसरी वजह स्टोरेज की दिक्कत हो सकती है। अगर फोन का इंटरनल स्टोरेज फुल हो गया है, तो फोन स्लो हो सकता है। सिस्टम को टेम्पररी फाइल्स, ऐप डेटा और कैश के लिए स्टोरेज चाहिए होता है। स्टोरेज भर जाए और जगह बहुत कम बची हो, तो ऐप खुलने में काफी वक्त लग सकता है, और इससे फोन स्लो हो सकता है।
तीसरी वजह बैकग्राउंड ऐप्स हैं। कई बार बैकग्राउंड में चलने वाले ऐप्स भी फोन के परफॉर्मेंस पर असर डालते हैं और फोन स्लो हो जाता है। सोशल मीडिया, मैसेजिंग, क्लाउड बैकअप और लोकेशन जैसी सर्विसेज फोन के रिसोर्स इस्तेमाल करती हैं। इससे रैम और प्रोसेसर, दोनों पर ज्यादा बोझ पड़ सकता है।
तो इस दिक्कत को कैसे सुलझाएं? फोन में पूरा स्टोरेज भरने के बजाय काफी जगह खाली रखें। जो ऐप्स नहीं चाहिए, उन्हें फोन से हटा दें। बैकग्राउंड में चलने वाले गैरजरूरी ऐप्स बंद करें। और सिस्टम व ऐप्स को हमेशा अपडेट रखें।
इन टिप्स को फॉलो करने के बाद भी अगर फोन हैंग हो रहा है, तो समस्या सिर्फ रैम की नहीं है। वह स्टोरेज, प्रोसेसर, सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर से भी जुड़ी हो सकती है।