फर्जी डॉक्टर ने लगाया 3.50 लाख का चूना
इलाज के नाम पर ठगी, सीसीटीवी की मदद से गिरफ्तार, साथी की खोजबीन
नागपुर.
बीमारी से राहत पाने की उम्मीद में 73 वर्षीय बुजुर्ग को अनजान लोगों पर भरोसा करके साढ़े तीन लाख रुपये गवाने पड़े. इलाज का झांसा देकर दो आरोपी बुजुर्ग से नकदी लेकर फरार हो गए. नागपुर क्राइम ब्रांच यूनिट तीन ने दो घंटे के भीतर आरोपी मोहम्मद बबलु मोहम्मद सलीम (40) बूंदी, राजस्थान को गिरफ्तार कर लिया.
शांतिनगर निवासी 73 वर्षीय गोपाल पांडुरंग निमजे मधुमेह से पीड़ित हैं. उनके दोनों पैरों में सूजन रहती है. 26 अक्टूबर को रानी दुर्गावती चौक पर दो लोगों ने उनसे संपर्क किया. एक ने अपना नाम अरुण बताते हुए दावा किया कि उसके पिता भी इसी तरह की बीमारी से परेशान थे. हरिद्वार के डॉक्टर से इलाज कराने के बाद ठीक हो गए थे. इस तरह आरोपियों ने निमजे का भरोसा जीत लिया. उनसे पता व मोबाइल नंबर ले लिया. अगले दिन सुबह करीब 8:30 बजे एक आरोपी ने खुद को डॉक्टर बताकर निमजे को फोन किया. वह कुछ देर बाद अपने साथी के साथ निमजे के घर पहुंच गया. दोनों ने पैरों का उपचार करने का नाटक किया. उन्होंने दावा किया कि पैरों में पस जमा है. उसे निकालने के लिए 100 यूनिट की जरूरत होगी. प्रत्येक यूनिट की कीमत 3,500 रुपये बताकर कुल 3.50 लाख रुपये मांगे. बीमारी से राहत मिलने की उम्मीद में निमजे ने घर में रखी नकदी उन्हें सौंप दी. रकम हाथ में आते ही दोनों आरोपी वहां से रवाना हो गए.
राहत नहीं मिली तो खुला ठगी का राज
पैसों के बदले इलाज तो दूर, बुजुर्ग को कोई राहत नहीं मिली. आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनके मोबाइल फोन बंद मिले. इसके बाद ठगी का एहसास होने पर निमजे ने शांतिनगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच आरंभ की है. क्राइम ब्रांच के यूनीट तीन ने निमजे के घर और परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. इसके आधार पर मो. बबलु को गिरफ्तार किया. उसने अपने साथी मो. सलाम नुरुद्दीन के साथ मिलकर ठगी करने की बात स्वीकार की. बबलु से नकदी और वारदात में इस्तेमाल की गई दोपहिया सहित कुल 4.50 लाख रुपये का माल जब्त किया गया है. आरोपी उपचार का झांसा देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते है. वाकपटू होने से लोग उनके जाल में फंस जाते है. वह सालों से सक्रिय है.
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