शनिवार, 31 अक्टूबर 2026

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फरवरी का इंतजार खत्म, चार महीने पहले ही बाजार में आया हापूस, पहली पेटी 21 हजार रुपये में बिकी

फरवरी का इंतजार खत्म, चार महीने पहले ही बाजार में आया हापूस, पहली पेटी 21 हजार रुपये में बिकी तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कारोबार PT24 टीम

रत्नागिरी के गावखडी के बाग में तैयार हुए बेमौसमी हापूस की पहली पेटी का 21 हजार रुपये के रिकॉर्ड दाम पर लिलाव हुआ।

रत्नागिरी का जगप्रसिद्ध हापूस आम कहते ही आमतौर पर सबकी आंखों के सामने फरवरी-मार्च से शुरू होने वाला आम का सीजन आ जाता है। लेकिन इस बार तस्वीर अलग है। कुदरत की अनोखी साथ और बागवानों की मेहनत की वजह से हापूस ने सीजन से पूरे चार महीने पहले ही बाजार में दस्तक दे दी है और सबको हैरान कर दिया है। खास बात यह है कि इस सीजन से पहले आई हापूस की सबसे पहली पेटी का नीलाम 21 हजार रुपये के रिकॉर्ड दाम पर हुआ।

यह बेमौसमी हापूस रत्नागिरी तालुका के गावखडी गांव के प्रयोगशील आम बागवान दत्ताराम दाजी पडयार के बाग में तैयार हुआ है। उनके बाग के चार दर्जन यानी 48 नग हापूस आमों की पहली पेटी रत्नागिरी के प्रसिद्ध व्यापारी 'सतीश पवार बंधू' के जरिए बाजार में बिक्री के लिए लाई गई थी।

इस पहली-पहली पेटी को 21 हजार रुपये का भारी दाम मिला। इसका हिसाब लगाएं तो एक दर्जन आम का भाव 5,250 रुपये बैठता है। इसे इस मौसम की शुरुआत का एक नया रिकॉर्ड माना जा रहा है।

सीजन से चार महीने पहले बाजार में पहुंचे इस पहले राजापुर/रत्नागिरी हापूस के पहले सम्मानित और ग्राहक बनने का मौका कौस्तुभ दीक्षित को मिला है। उन्होंने इस ऐतिहासिक आम की पेटी 21 हजार रुपये में खरीदी।

आम तौर पर हापूस की आवक फरवरी के आखिरी हिस्से में या मार्च में तेजी पकड़ती है। ऐसे में अक्टूबर-नवंबर के आसपास ही बाजार में पका हुआ और अच्छी क्वालिटी का हापूस मिल जाना बहुत ही दुर्लभ बात मानी जाती है।

एक तरफ नियमित सीजन शुरू होने में अभी कुछ महीनों का वक्त बाकी है। दूसरी तरफ पहली ही पेटी को मिले 21 हजार रुपये के रिकॉर्ड दाम की चर्चा इस वक्त पूरे कोंकण और आम की मंडी में हो रही है। व्यापारियों और बागवानों में इसे लेकर उत्साह का माहौल है।

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