फडणवीस बोले: साथ हैं तो अलग रुख क्यों, शिरसाट के बयान पर महायुति में सफाई
नागपुर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महायुति की अंदरूनी खींचतान, स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव और महाविकास अघाड़ी पर अपनी बात रखी।
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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में बात करते हुए महायुति के अंदर चल रही हलचल पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि छत्रपति संभाजीनगर के प्रभारी मंत्री और शिवसेना के नेता संजय शिरसाट ने कल ही साफ कह दिया है कि वे महायुति के साथ हैं और सतीश चव्हाण के साथ हैं। फडणवीस के मुताबिक भाजपा पहले दिन से ही काम में लगी हुई है।
फडणवीस ने कहा, "किसी एक आदमी ने अलग रुख ले लिया, तो यह नहीं कहा जा सकता कि वह पार्टी का रुख है।" उनका कहना था कि उस पार्टी के प्रमुख को भी इस बात पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने सवाल किया, "जब हम साथ हैं, तो ऐसा अलग रुख क्यों?" और जोड़ा कि पार्टी के नजरिये से ऐसा रुख लेना ठीक नहीं है।
पिछले कुछ दिनों से स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर महायुति में राजनीतिक हलचल तेज है, और महायुति में मनमुटाव की चर्चा भी चल रही थी। इसी बीच अमरावती के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में शिवसेना की सीट पर राष्ट्रवादी के उम्मीदवार ने बगावत कर दी। इसके बाद शिंदे सेना ने छत्रपति संभाजीनगर के राष्ट्रवादी कांग्रेस के उम्मीदवार सतीश चव्हाण का समर्थन वापस ले लिया था। फिर प्रभारी मंत्री संजय शिरसाट ने एक बार और प्रेस कॉन्फ्रेंस की और वे महायुति के करीब आते दिखे। इसी मामले पर अब मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया देकर सफाई दी है।
फडणवीस ने बताया कि सिर्फ पुणे के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में दोस्ताना मुकाबला हो रहा है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की पांचों सीटें जीतने का उन्होंने दावा किया। उनके मुताबिक अमरावती में किरण सरनाईक महायुति के उम्मीदवार हैं और भारतीय जनता पार्टी उनके साथ खड़ी है। पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में डॉ. स्मिता जाधव महायुति की उम्मीदवार हैं और राष्ट्रवादी कांग्रेस उनके साथ है। उन्होंने कहा कि कुछ इलाकों में राष्ट्रवादी कांग्रेस का जोर ज्यादा है। फडणवीस ने यह भी कहा कि सुनीता भाभी ने बैठक करके राष्ट्रवादी कांग्रेस को काम पर लगा दिया है और शिवसेना भी काम में जुट गई है। छत्रपति संभाजीनगर में सतीश चव्हाण के पीछे शिवसेना और भाजपा खड़ी हैं। उनका कहना था कि स्नातक की पांचों सीटें महायुति से ही चुनकर आएंगी।
महाविकास आघाड़ी पर फडणवीस ने कहा कि वह शुरू से ही बहुत बंटी हुई है और उसमें गुटबाजी की राजनीति बड़े पैमाने पर है। उन्होंने कहा कि आज भाजपा और महायुति के रूप में वे एकजुट होकर काम कर रहे हैं। नागपुर में भाजपा, राष्ट्रवादी कांग्रेस और दूसरे सहयोगी दलों के सारे गुट साथ मिलकर काम करते दिख रहे हैं, लेकिन कांग्रेस में ऐसा कुछ नहीं दिखता, यह उन्होंने कहा।
नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में भाजपा के अधिकृत उम्मीदवार सुधाकर कोहले हैं। उनके प्रचार के लिए शिक्षकों, प्राध्यापकों और विश्वविद्यालय शिक्षण मंच के साथ संवाद का कार्यक्रम रखा गया था। फडणवीस ने बताया कि उन्होंने उनकी दिक्कतें भी सुनीं। उनके मुताबिक राज्य सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में लगातार काम किया है और इस क्षेत्र को कितना महत्त्व दिया गया है, यह जानकारी उन्हें दी गई। फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार ने पहली बार प्राध्यापक भर्ती की है और इसी को लेकर उन्होंने उनसे वोट मांगे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि उनके उम्मीदवार को बड़े पैमाने पर वोट मिलेंगे।
फडणवीस ने कहा कि आज वकीलों, डॉक्टरों और अलग-अलग संगठनों से उनकी चर्चा होने वाली है और वे सबसे वोट डालने की अपील करेंगे। उन्होंने यह भी कहा, "मेरे हिसाब से दूसरी पसंद के वोटों तक जाने की जरूरत नहीं है।" उनके मुताबिक पहली पसंद के वोटों का कोटा सुधाकर कोहले को मिल जाएगा।