सोम‌वार, 19 अक्टूबर 2026

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22:34 IST

पश्चिम एशिया की जंग से फ्रांस में तेल महंगा, मैक्रों ने की शांति की अपील

फ्रांस में महंगाई और ईंधन के दाम के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए हैं। राष्ट्रपति मैक्रों ने लोगों से शांति बनाए रखने को कहा है।

पश्चिम एशिया की जंग से फ्रांस में तेल महंगा, मैक्रों ने की शांति की अपील तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

मध्यपूर्व में चल रही जंग का असर अब यूरोप में साफ दिखने लगा है। इटली, फ्रांस, अल्बानिया, पैरिस और पुर्तगाल में एक ही वक्त पर लोग सड़कों पर उतर आए हैं। वे सरकार की शिक्षा नीति, महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और ईंधन व गैस के बढ़ते दामों से नाराज हैं। कई जगह प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प हो रही है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष से दुनिया भर की तेल सप्लाई पर असर पड़ा है और ईंधन के दाम काफी बढ़ गए हैं।

इसकी सीधी मार अब फ्रांस के आम लोगों पर पड़ रही है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी माना है कि मध्यपूर्व की जंग का ईंधन के बढ़े दामों से सीधा रिश्ता है। इन सब बातों से दुनिया भर में यह भावना बन रही है कि इस जंग की जरूरत नहीं थी और यह बेवजह थोप दी गई। कुछ लोगों के मुताबिक इसके लिए नेतन्याहू और ट्रम्प जिम्मेदार हैं, क्योंकि बिना किसी वजह के ईरान के साथ जंग छेड़ दी गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसी चर्चा चल रही है।

मध्यपूर्व के झगड़े से दुनिया के ऊर्जा बाजार में अस्थिरता आ गई है। खास तौर पर होर्मूज में जहाजों की आवाजाही पर आए संकट से कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम चढ़े हैं और उसका असर फ्रांस में पेट्रोल और डीजल के रेट पर पड़ रहा है। ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्ट, माल ढुलाई और रोज इस्तेमाल की चीजों के दाम भी बढ़ गए हैं।

17 अक्टूबर को फ्रांस में देशभर में प्रदर्शन हुए। फ्रांस के गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक इनमें करीब 5 लाख 50 हजार लोग शामिल हुए। आंदोलन की शुरुआत स्कूलों में टीचरों की कमी, पढ़ाई की क्वालिटी और छात्रों की दिक्कतों को लेकर हुई थी। आगे चलकर यह महंगाई और ईंधन के दाम बढ़ने के खिलाफ बड़ा आंदोलन बन गया। कुछ स्कूलों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ। दुकानों में लूटपाट और तोड़फोड़ हुई और सरकारी इमारतों में आगजनी जैसी घटनाएं भी हुई हैं।

राष्ट्रपति मैक्रों ने लोगों से शांति की अपील की है। ईंधन के बढ़े दामों का असर घटाने के लिए फ्रांस ने ऊर्जा सप्लाई को लेकर G7 देशों के साथ तालमेल बनाया है। इसमें तेल के भंडार फिर से उपलब्ध कराने और होर्मूज में जहाजों की आवाजाही दोबारा सुचारु करने पर जोर दिया गया है। फिर भी महंगाई, बढ़ते रोजमर्रा के खर्च और सार्वजनिक सेवाओं की कमियों को लेकर लोगों की नाराजगी बनी हुई है। इस तरह मध्यपूर्व की जंग का आर्थिक असर फ्रांस की अंदरूनी राजनीति के लिए भी बड़ी चुनौती बन गया है।

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