लाहौर में चौथी मंजिल से गिरकर लश्कर के अबू हाशिम की संदिग्ध मौत
हाफिज सईद के करीबी और अमेरिका के घोषित वैश्विक आतंकवादी अबू हाशिम की लाहौर में इमारत से गिरने के बाद मौत हो गई। उसकी मौत के कारण पर सवाल बने हुए हैं।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पाकिस्तान के लाहौर शहर से आतंकी नेटवर्क और सुरक्षा के लिहाज से एक अहम खबर आई है। प्रतिबंधित संगठन 'लश्कर-ए-तोयबा' (LeT) के संस्थापक सदस्य चौधरी मोहम्मद सरवर की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। वह 'अबू हाशिम' के नाम से कुख्यात था। उसे भारत के खिलाफ साजिशें रचने और कई आतंकी हमलों को हवा देने वाला बताया गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक लाहौर में मरकझ कुदेसिया नाम की इमारत की चौथी मंजिल से अचानक नीचे गिरने से उसके सिर में बहुत गंभीर चोट आई। इलाज के दौरान या मौके पर ही उसकी जान चली गई। लेकिन वह ठीक कैसे गिरा, यह हादसा था या इसके पीछे कोई अंदरूनी दुश्मनी या साजिश है, इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक और साफ जानकारी सामने नहीं आई है।
अबू हाशिम लश्कर का मामूली सदस्य नहीं था। संगठन की स्थापना के समय से ही वह इस नेटवर्क का अहम हिस्सा रहा। दुनिया भर से और स्थानीय स्तर पर पैसा जमा करना, आर्थिक लेन-देन संभालना और हवाला नेटवर्क चलाना उसकी मुख्य जिम्मेदारी थी। मुंबई के 26/11 हमले के मुख्य सूत्रधार हाफिज सईद और लश्कर के उपप्रमुख सैफुल्ला कसूरी का वह बेहद करीबी और भरोसेमंद माना जाता था।
लंबे समय से लाहौर में लश्कर की गतिविधियों की बागडोर अबू हाशिम के हाथ में थी। संगठन के भीतर फैसले लेने और रणनीति बनाने में भी उसकी भूमिका अहम मानी जाती थी।
अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने भारत विरोधी और वैश्विक शांति के लिए खतरनाक गतिविधियों को देखते हुए 2016 में उस पर सख्त प्रतिबंध लगाए थे। अमेरिका ने उसे आधिकारिक तौर पर वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था। उस वक्त वह लश्कर-ए-तोयबा के लाहौर विभाग का प्रमुख था। अमेरिकी प्रशासन ने अबू हाशिम और लश्कर के एक और वरिष्ठ नेता शाहिद महमूद से जुड़ी आर्थिक संपत्ति फ्रीज करने का फैसला लिया था। इस कार्रवाई का मुख्य मकसद लश्कर-ए-तोयबा के पैसा जुटाने के अंतरराष्ट्रीय जाल की कमर तोड़ना था।
पाकिस्तान में आतंकी संगठनों पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ने के बाद लश्कर और जमात-उद-दावा ने अपनी नई राजनीतिक शाखा के तौर पर 'पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग' (PMML) बनाई थी। अबू हाशिम इस पार्टी की पंजाब इकाई का अध्यक्ष था।
PMML के प्रवक्ता ने अबू हाशिम की मौत की खबर की आधिकारिक पुष्टि की है। लेकिन पार्टी की सफाई में गड़बड़ दिख रही है। पार्टी के दावे के मुताबिक वह नमाज पढ़ने के लिए घर से मस्जिद की ओर जा रहा था, तभी अचानक गिर पड़ा। वहीं घटनास्थल से मिली जानकारी और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार वह इमारत की चौथी मंजिल से नीचे गिरा। इन आपस में टकराती बातों से उसकी मौत को लेकर शक और गहरा गया है।
हाफिज सईद 2019 से लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद है। आतंकवाद को पैसा देने (Terror Financing) के कई मामलों में पाकिस्तान की अदालत उसे सजा सुना चुकी है। सईद के जेल में रहते उसके एक बेहद अहम साथी का इस तरह अंत होना पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों और आतंकी गुटों के भीतर के टकराव की ओर इशारा करता है।
पाकिस्तान में ऐसी संदिग्ध मौत का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 2016 में नकली भारतीय नोटों के नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार जावेद खान्नी कराची में एक निर्माणाधीन इमारत से गिरकर इसी तरह रहस्यमय हालात में मरा था। इसलिए अबू हाशिम की मौत को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।