शनिवार, 10 अक्टूबर 2026

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21:40 IST

पनवेल ट्रैफिक शाखा के पुलिस निरीक्षक ने नाकाबंदी में पकड़ा तिहरे हत्याकांड का फरार आरोपी

नवरात्रि की विशेष मुहिम में नाकाबंदी के दौरान पनवेल ट्रैफिक शाखा के पुलिस निरीक्षक सुभाष पुजारी और उनकी टीम ने बुलढाणा के तिहरे हत्याकांड के फरार आरोपी को गिरफ्तार किया।

पनवेल ट्रैफिक शाखा के पुलिस निरीक्षक ने नाकाबंदी में पकड़ा तिहरे हत्याकांड का फरार आरोपी तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नवी मुंबई में पनवेल ट्रैफिक शाखा की टीम ने नाकाबंदी के दौरान एक ऐसे आरोपी को पकड़ा है, जो बुलढाणा जिले में हुए तिहरे हत्याकांड के बाद फरार था। यह कार्रवाई 10 अक्टूबर 2026 को नवरात्रि के मौके पर चल रही विशेष मुहिम के दौरान हुई।

नवी मुंबई के पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे, सह आयुक्त दीपक साकोरे, उपायुक्त डॉ. राहुल खाडे और सह आयुक्त योगेश गावडे के मार्गदर्शन में यह मुहिम चल रही थी। इसी के तहत पनवेल ट्रैफिक शाखा के प्रभारी अधिकारी, पुलिस निरीक्षक सुभाष पुजारी अपनी टीम के साथ अंबेडकर पुतला इलाके में नाकाबंदी कर रहे थे।

नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध आदमी वहां मंडराता हुआ दिखा। पुलिस निरीक्षक पुजारी ने उससे कड़ी पूछताछ की तो वह टालमटोल वाले जवाब देने लगा। उसके हाथ पर चोट का निशान भी दिखा, जिससे शक और गहरा हो गया। पुजारी ने उसे भरोसे में लेकर और गहराई से पूछताछ की। तब उसने अपना नाम दीपक फतेहसिंह सुराडकर बताया। उसकी उम्र 44 साल है और वह बुलढाणा का रहने वाला है।

पुलिस के मुताबिक सुराडकर ने कबूल किया कि पारिवारिक और जमीन के विवाद के चलते उसने अपनी मां सरस्वती (75), भाई संजय (48) और भतीजे रणजीत (21) की बेरहमी से हत्या की और वहां से भाग आया। यह बयान चौंकाने वाला था।

इसके बाद पुलिस निरीक्षक पुजारी ने तुरंत बुलढाणा के चिखली पुलिस स्टेशन से संपर्क किया और जानकारी की पुष्टि की। इससे साफ हुआ कि आरोपी के खिलाफ तिहरे हत्याकांड का मामला वहां पहले से दर्ज है। ट्रैफिक शाखा की सतर्कता की वजह से एक बेहद खतरनाक और फरार आरोपी कुछ ही घंटों में पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

इस कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक सुभाष पुजारी के साथ पुलिस नाइक विश्वनाथ पाटील (क्रमांक 4415), पुलिस नाइक केशव निकम (क्रमांक 3101), पुलिस हवालदार ढेंबरे (क्रमांक 2335), पुलिस शिपाई संजय घाटगे (क्रमांक 12065) और पुलिस शिपाई महेंद्र गलवे (क्रमांक 4697) ने अहम भूमिका निभाई।

इस मामले के बाद पुलिस महकमे में एक बात फिर उठ रही है। नवी मुंबई पुलिस में सुभाष पुजारी जैसे कई अधिकारी और कर्मचारी ट्रैफिक विभाग में काम कर रहे हैं, जिन्हें अपराध की जांच का अच्छा शौक और हुनर है। पुलिस हलकों में कहा जा रहा है कि ऐसे काबिल और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों की पूरी क्षमता का इस्तेमाल तभी हो पाएगा, जब उन्हें क्राइम ब्रांच या पुलिस स्टेशनों की डिटेक्शन टीम में मौका दिया जाए।

बताया जाता है कि पुलिस में अक्सर अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी पसंद या हुनर के हिसाब से पोस्टिंग नहीं मिलती। ट्रैफिक विभाग में कई ऐसे अधिकारी और कर्मचारी हैं, जिन्हें फील्ड वर्क या ट्रैफिक संभालने में दिलचस्पी नहीं है, फिर भी उन्हें वहीं काम करना पड़ता है।

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