कोपरखैरणे में शाम को रोज़ जाम, अंडरपास में फंसते टेम्पो, ट्रैफिक पुलिस पर उठे सवाल
कोपरखैरणे स्टेशन इलाके में शाम 6 से रात 9 बजे तक गाड़ियों की लंबी कतारें लगती हैं और अंडरपास में बड़े टेम्पो फंसने से दोनों तरफ का ट्रैफिक रुक जाता है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नवी मुंबई को "वेल प्लान्ड सिटी" यानी सुनियोजित शहर कहा जाता है, लेकिन कोपरखैरणे के लोगों को हर रोज़ भारी ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ रहा है। खासकर शाम 6 बजे से रात 9 बजे के बीच कोपरखैरणे स्टेशन इलाके से गाड़ी निकालना वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। इस दौरान गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं।
कोपरखैरणे के अंडरपास के पास ट्रैफिक पुलिस तैनात नहीं रहती और कुछ गैर-ज़िम्मेदार टेम्पो चालक इसी का फायदा उठा रहे हैं। शाम की भीड़ के वक्त वे अंडरपास की ऊंचाई और चौड़ाई का अंदाज़ा लगाए बिना बड़े टेम्पो उसमें घुसा देते हैं। सही जजमेंट न होने की वजह से ये टेम्पो कई बार अंडरपास में ही फंस जाते हैं। इससे दोनों तरफ का ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो जाता है।
दिक्कत सिर्फ स्टेशन इलाके तक सीमित नहीं है। शाम के वक्त डी-मार्ट से लेकर सेक्टर 15 और सेक्टर 20 तक, घनसोली की तरफ जाने वाले मुख्य रोड पर भी गाड़ियों की भारी कतारें लगती हैं। रेलवे स्टेशन से बाहर निकलने वाले यात्रियों की भीड़ और अंडरपास से आने-जाने वाली गाड़ियां एक साथ मिल जाती हैं, जिससे पूरा इलाका ट्रैफिक जाम में बदल जाता है। लोगों का कीमती वक्त इसी जाम में बर्बाद हो रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ट्रैफिक नियमन कक्ष इस गंभीर समस्या की तरफ पूरी तरह ध्यान नहीं दे रहा। उनके मुताबिक कई अहम चौराहों या सिग्नल पर ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी मौजूद नहीं रहते। वे सिग्नल छोड़कर आधा से एक किलोमीटर दूर छिपकर खड़े हो जाते हैं।
नागरिकों ने आरोप लगाया है कि जाम खुलवाने के बजाय पुलिस कर्मचारी चालकों के ई-चालान काटने में ही व्यस्त रहते हैं। एक ही जगह 3 से 4 कर्मचारी ई-चालान मशीन लेकर खड़े दिखते हैं। लोगों का कहना है कि अगर यही कर्मचारी सीधे सिग्नल पर या भीड़ वाली जगहों पर खड़े हों, तो वाहन चालकों में नियमों का डर रहेगा और जाम नहीं लगेगा।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक जब तक नागरिक खुद ट्रैफिक कंट्रोल रूम को फोन करके शिकायत नहीं करते, तब तक इलाके में कोई ट्रैफिक पुलिस नज़र नहीं आती। उन्होंने नाराज़गी जताते हुए कहा कि वे रोज़ की इस भीड़ से जैसे-तैसे रास्ता निकालकर घर पहुंचते हैं।
नवी मुंबई पुलिस आयुक्तालय में मौजूदा ट्रैफिक पुलिस उपायुक्त की पहचान एक अनुभवी अधिकारी के तौर पर है। अब कोपरखैरणे के लोग पूछ रहे हैं कि क्या उन्हें इलाके की इस रोज़ की समस्या की वाकई जानकारी है और क्या वे इस पर कोई ठोस कदम उठाएंगे। लोगों की एक ही उम्मीद है कि ट्रैफिक विभाग इस मसले पर फौरन ध्यान दे और कोपरखैरणे को इस जाम से मुक्ति दिलाए।