निजी ट्रैवल्स से वसूली के आरोप सही पाए गए, नागपुर में API रवींद्र शेडगे निलंबित
नागपुर के पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने कॉटनमार्केट ट्रैफिक डिवीजन के API रवींद्र शेडगे को अवैध वसूली के मामले में निलंबित कर दिया है।
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नागपुर पुलिस में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। पुलिस आयुक्त (CP) विश्वास नांगरे पाटिल ने कॉटनमार्केट ट्रैफिक डिवीजन में तैनात API रवींद्र शेडगे को रिश्वतखोरी और अवैध वसूली के मामले में सस्पेंड कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद नागपुर ट्रैफिक पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
मामला कॉटनमार्केट ट्रैफिक शाखा के तहत आने वाले गणेशपेठ इलाके का है। बताया गया है कि वहां बड़ी संख्या में निजी ट्रैवल्स की गाड़ियां खड़ी रहती हैं। इन गाड़ियों पर ट्रैफिक नियमों के तहत कार्रवाई करने के लिए ट्रैफिक पुलिस की तैनाती रहती है। आरोप है कि इन्हीं ट्रैवल्स ऑपरेटरों से पुलिस कर्मी अवैध रूप से हफ्ता वसूल रहे थे।
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें पुलिस कर्मी रुपए वसूलते दिख रहे थे। इसके बाद पुलिस कमिश्नर के पास एक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई।
शिकायत का संज्ञान लेते हुए पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने मामले की जांच ट्रैफिक पुलिस उपायुक्त (DCP) आदित्य मिरखेलकर को सौंपी। DCP मिरखेलकर ने पड़ताल के लिए ACP गिरीश बने के नेतृत्व में एक जांच समिति बनाई।
समिति की विस्तृत रिपोर्ट में API रवींद्र शेडगे पर अवैध वसूली के आरोप सच साबित हुए। रिपोर्ट के मुताबिक शेडगे ने एक नामी ट्रैवल्स कंपनी से 4,000 रुपये की वसूली की थी। इससे पहले यह काम एक हवलदार के पास था, लेकिन शेडगे के इस प्रभाग में आते ही उन्होंने यह जिम्मेदारी खुद अपने हाथ में ले ली थी।
जांच में आरोप सिद्ध होने पर DCP आदित्य मिरखेलकर ने सस्पेंशन का प्रस्ताव कमिश्नर के पास भेजा। इसके बाद रवींद्र शेडगे को निलंबित कर दिया गया।
विश्वास नांगरे पाटिल ने पुलिस महकमे में हफ्ता वसूली और भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपना रखी है। DCP मिरखेलकर के मुताबिक यह निलंबन अवैध वसूली में शामिल दूसरे कर्मचारियों के लिए कड़ा संदेश और सीधी चेतावनी है।
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