पालघर के दुर्वेस नाका में सीढ़ी पर चक्कर खाकर गिरे 30 साल के युवक की छाती में कैंची घुसी, मौत
दुर्वेस नाका में कपड़े काटने जा रहे नरेश प्रजापती चक्कर खाकर गिरे और हाथ की कैंची छाती में घुस गई। अस्पताल में उन्हें मृत घोषित किया गया।
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पालघर तालुका के दुर्वेस नाका इलाके में सोमवार को एक दुखद हादसा हुआ। कपड़े काटने के काम से घर की पहली मंज़िल पर जा रहे नरेश मोहनलाल प्रजापती (उम्र 30) को अचानक चक्कर आया। वे गिर पड़े और हाथ में पकड़ी लोहे की कैंची उनकी छाती में घुस गई। इस हादसे में उनकी जान चली गई।
यह घटना सोमवार, 19 अक्टूबर 2027 को दोपहर करीब साढ़े बारह बजे हुई। इसके बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
नरेश प्रजापती दुर्वेस नाका में गणपति मंदिर के सामने वाले हिस्से में रहते थे। सोमवार को दोपहर का खाना खाने के बाद वे कपड़े काटने का काम करने के लिए घर की पहली मंज़िल की तरफ जा रहे थे। उस वक्त उनके बाएं हाथ में लोहे की कैंची थी।
घर की सीढ़ी चढ़ते समय उन्हें अचानक चक्कर आया और उनका संतुलन बिगड़ गया। वे आगे की तरफ गिरे। गिरते वक्त हाथ की कैंची छाती में जा धंसी, जिससे उन्हें गंभीर चोट लगी। छाती से बहुत खून बह गया और उनकी हालत नाज़ुक हो गई।
गंभीर रूप से घायल नरेश को फौरन इलाज के लिए मनोर के आस्था अस्पताल ले जाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अचानक आई इस आफत से उनके परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है और इलाके में लोग शोक जता रहे हैं।
इस घटना के बारे में कुसुम प्रजापती ने जानकारी दी है। उनके मुताबिक सीढ़ी पर जाते समय चक्कर आने से संतुलन बिगड़ा और यह हादसा हुआ। उन्होंने यह भी दर्ज कराया है कि नरेश की मौत को लेकर कोई शक नहीं है और किसी के खिलाफ कोई शिकायत भी नहीं है।
घर के भीतर हुए इस अनचाहे हादसे में 30 साल के एक व्यक्ति की जान चली जाने से आसपास के लोग दुखी हैं।
घर की सीढ़ियों पर चढ़ते या उतरते समय चक्कर आने, संतुलन बिगड़ने या अचानक गिरने से गंभीर चोट लग सकती है। हाथ में कैंची, कोई धारदार चीज़ या दूसरा सामान हो तो चोट का खतरा और बढ़ सकता है। इसलिए ऐसी चीज़ें हाथ में लेकर सीढ़ी चढ़ते समय खास ध्यान रखना ज़रूरी है। नरेश प्रजापती के साथ हुआ यह हादसा बताता है कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी में अचानक होने वाले हादसे कितने गंभीर हो सकते हैं।