गवराळा की गाडगे महाराज स्वच्छता समिति का एक साल पूरा, बिना मदद के सफाई का काम जारी
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गवराळा की कर्मयोगी गाडगे महाराज स्वच्छता समिति ने अपने काम का एक साल पूरा कर लिया है। समिति ने किसी स्थानीय स्वराज्य संस्था या बाहरी संस्था की मदद नहीं ली। सिर्फ सामाजिक जिम्मेदारी के भाव से वह सफाई का काम करती आ रही है। इस मौके पर राजमनी गार्डन, रेलवे स्टेशन रोड पर वर्षगांठ का कार्यक्रम उत्साह के साथ मनाया गया।
यह पहल अक्टूबर 2025 में शुरू हुई थी। समिति के वरिष्ठ सदस्य खुद आगे आकर सफाई करते हैं। जिन सदस्यों की उम्र अस्सी साल से ज्यादा हो चुकी है, वे भी नियमित रूप से इस काम में हिस्सा लेते हैं। उनकी बिना स्वार्थ की सेवा से समाज के सामने एक मिसाल खड़ी हुई है। संत गाडगे महाराज के स्वच्छता, समाज प्रबोधन और समाजसेवा के विचारों से प्रेरणा लेकर समिति ने पूरे साल यह काम जारी रखा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राध्यापक विवेक सरपटवार ने की। प्रमुख अतिथि के तौर पर वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मांढरे, राष्ट्रीय कीर्तनकार सुवर्णा ताई पिंपळकर, प्रकाश पिंपळकर, राजुरकर सर और प्रबोधक विशाल गावंडे मौजूद थे। वरिष्ठ सदस्य बबन पाटील जीवतोडे, उद्धवराव निळे, शामराव पाटील खापणे और निळकंठजी आत्राम भी हाजिर थे।
समिति के अध्यक्ष मंगेश येरमे, मार्गदर्शक राजेश बदखल, संगठक लिमेश माणूसमारे और रमेशजी खातखेडे के साथ समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में महिलाएं भी कार्यक्रम में पहुंचीं। प्रस्तावना समिति के मार्गदर्शक राजेश बदखल ने रखी। संचालन समिति के प्रवर्तक लिमेश माणूसमारे ने किया और अजय बोंडे ने आभार माना।
वर्षगांठ के मौके पर गवराळा के श्मशान परिसर में समिति के फलक का अनावरण हुआ। यह अनावरण वरिष्ठ सदस्य निळकंठजी आत्राम और कार्यक्रम के अध्यक्ष विवेक सरपटवार के हाथों किया गया। इस दौरान सफाई का संदेश पूरे भद्रावती शहर तक पहुंचाने और शहर को साफ, सुंदर और सेहतमंद बनाने का संकल्प जताया गया।
कहा गया कि सफाई सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, यह हर नागरिक का फर्ज है। प्रचार या बाहरी मदद की उम्मीद किए बिना वरिष्ठ नागरिकों ने अपनी मर्जी से यह पहल खड़ी की है, जो नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन रही है। अध्यक्ष मंगेश येरमे और मार्गदर्शक राजेश बदखल ने संकल्प जताया कि संत गाडगे महाराज के विचार सिर्फ श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहेंगे, उन्हें अपने काम से समाज तक पहुंचाया जाएगा।
सफाई की यह सेवा आगे भी लगातार चलाते रहने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम का समापन "स्वच्छ भद्रावती, सुंदर भद्रावती और निरोगी भद्रावती" की संकल्पना के साथ और जगन्नाथ महाराज का जयकारा लगाकर हुआ।