शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

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पैराग्वे सीनेट में राष्ट्रपति सैंटियागो पेना के महाभियोग की सुनवाई शुरू, इस्तीफा मंजूर नहीं

पैराग्वे सीनेट में राष्ट्रपति सैंटियागो पेना के महाभियोग की सुनवाई शुरू, इस्तीफा मंजूर नहीं तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 टीम

उएनो डिजिटल बैंक के संकट के बाद राष्ट्रपति पेना पर महाभियोग की कार्यवाही सीनेट में शुरू हुई। उनका इस्तीफा अब तक औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं हुआ है।

दक्षिण अमेरिका के पैराग्वे में बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है। उएनो (Ueno) नाम के डिजिटल बैंक की आर्थिक मुश्किलों के बाद राष्ट्रपति सैंटियागो पेना के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू हो गई है। शुक्रवार को सीनेट में इसकी सुनवाई शुरू हुई, जिससे देश में सत्ता की खींचतान और तेज हो गई है। पेना ने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन वह अब तक औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं किया गया है।

पूरा मामला उएनो डिजिटल बैंक पर केंद्रीय बैंक की कार्रवाई से शुरू हुआ। नियामक की जांच में सामने आया कि बैंक ने न्यूनतम आर्थिक स्थिरता के मानक पूरे नहीं किए थे। इस कार्रवाई का असर करीब 30 लाख ग्राहकों के खातों के लेनदेन और उनके पैसों तक पहुंच पर पड़ा। कई जमाकर्ताओं को अपनी बचत इस्तेमाल करने में दिक्कत हुई। इसके बाद देश में आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता फैल गई।

राष्ट्रपति पेना के उएनो की मूल कंपनी के साथ पहले कारोबारी रिश्ते थे। उन्होंने साफ किया है कि अपना हिस्सा मार्च 2025 में बेच दिया था। फिर भी विरोधियों ने इन रिश्तों पर सवाल उठाए हैं। बैंक के संकट को लेकर हितों के टकराव, नियामक पर असर डालने और सार्वजनिक फंड के इस्तेमाल जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पेना ने गड़बड़ी के आरोपों को खारिज किया है।

गुरुवार को पैराग्वे के निचले सदन ने महाभियोग प्रस्ताव को 78 के मुकाबले शून्य वोट से मंजूरी दी। उसके बाद शुक्रवार को सीनेट की विशेष बैठक बुलाई गई। पेना की कानूनी टीम ने बचाव की तैयारी के लिए 72 घंटे की अतिरिक्त मोहलत मांगी थी, लेकिन सीनेट ने यह मांग 39 के मुकाबले 3 वोट से ठुकरा दी।

पेना के पक्ष की ओर से दावा किया गया कि उन्हें आरोप पत्र और उसके साथ के कागजात देर से मिले, इसलिए बचाव के लिए पूरा वक्त नहीं मिल पाया। दूसरी तरफ विरोधियों ने महाभियोग की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का अपना रुख बनाए रखा। आरोपों में हितों का टकराव, पेंशन फंड के इस्तेमाल में गड़बड़ी और बैंक की आर्थिक हालत से जुड़ी जानकारी दबाने का शक शामिल है।

पेना ने गुरुवार को इस्तीफे का ऐलान किया था। मगर संसद ने उसे स्वीकार नहीं किया है, इसलिए उपराष्ट्रपति पेड्रो अलियाना ने अब तक राष्ट्रपति पद की कमान नहीं संभाली है। इससे नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अगर महाभियोग में पेना दोषी ठहराए गए, तो पूर्व राष्ट्रपति के तौर पर मिलने वाली आजीवन सीनेट सदस्यता और संसदीय सुरक्षा उनके हाथ से जा सकती है।

इस बीच राजधानी असुन्सियोन में जमाकर्ताओं का आंदोलन जारी है। उनकी मांग है कि बैंक में फंसा पैसा वापस मिले और इस संकट के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो। बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई चल रही है, और केंद्रीय बैंक के प्रमुख को भी पद छोड़ना पड़ा है। इस तरह पैराग्वे का आर्थिक संकट अब सीधे सत्ता की राजनीतिक लड़ाई में बदल गया है।

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