गुरूवार, 5 नवंबर 2026

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पैराग्वे में यूनो बैंक रातों-रात बंद, 30 लाख खाताधारकों के पैसे अटके, सड़कों पर उतरे लोग

पैराग्वे में यूनो बैंक रातों-रात बंद, 30 लाख खाताधारकों के पैसे अटके, सड़कों पर उतरे लोग तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
दुनिया PT24 टीम

दक्षिण अमेरिका के पैराग्वे में युनो बैंक की सेवाएं आधी रात को अचानक ठप हो गईं। 30 लाख ग्राहकों का पैसा फंसा है, लाखों लोग सड़कों पर हैं और मध्यवर्ती बैंक के प्रमुख ने इस्तीफा दे दिया है।

दक्षिण अमेरिका के देश पैराग्वे से एक चौंकाने वाली खबर आई है। देश की अग्रणी मानी जाने वाली युनो बैंक (Ueno Bank) आधी रात को अचानक बैठ गई। इस एक घटना से देश की करीब आधी आबादी एक झटके में मुश्किल में आ गई है और लोगों की उम्र भर की जमा पूंजी अटक गई है।

बैंक बंद होने की खबर फैलते ही लोगों में भारी घबराहट फैल गई। देखते ही देखते लाखों गुस्साए लोग सड़कों पर उतर आए। हालात काबू में रखने के लिए मुख्य सड़कों पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं। इस राजनीतिक और आर्थिक उथल-पुथल को संभालने में सरकार की हालत खराब है।

पैराग्वे की कुल आबादी करीब 70 लाख है और अकेले युनो बैंक के 30 लाख ग्राहक हैं। आसान शब्दों में कहें तो देश के लगभग 40 प्रतिशत लोग, और 60 प्रतिशत से ज्यादा वयस्क, पैसे के लेन-देन के लिए पूरी तरह इसी बैंक पर निर्भर थे। यह बैंक देश के करीब 85 करोड़ अमेरिकी डॉलर के सार्वजनिक फंड को भी संभालती थी, जो अंदाजे से 7,000 करोड़ रुपये से ज्यादा बैठता है।

आधी रात को सेवाएं ठप होने से लोग अपने खाते का एक रुपया भी इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। राशन भरना, घर का किराया देना या रोज की जरूरतें पूरी करना भी अब लोगों के लिए मुश्किल हो गया है।

इस संकट के बाद पैराग्वे के मध्यवर्ती बैंक (Central Bank of Paraguay) के अध्यक्ष कार्लोस कार्वालो को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है। बैंक के गिरने के बाद बढ़ते जनआक्रोश का सामना करना सरकार के लिए नामुमकिन हो गया था। इसके अलावा पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए युनो बैंक से जुड़े 8 बड़े अधिकारियों को हिरासत में ले लिया है और उनकी संपत्तियां जब्त करने के आदेश दिए गए हैं।

बैंक अचानक क्यों गिरी, इस पर स्थानीय अखबार और दूसरी जांच रिपोर्टों के मुताबिक इसके पीछे सिर्फ तकनीकी दिक्कत नहीं, बल्कि भारी गड़बड़ी और आर्थिक अनियमितता मुख्य वजह है। जांच एजेंसियों ने तीन बड़े कारण बताए हैं।

पहला कारण सॉल्वेंसी रेशियो यानी कर्ज चुकाने की क्षमता के अनुपात में बड़ी गिरावट है। बैंक की जमाएं खत्म हो चुकी थीं। नियम के हिसाब से यह अनुपात कम से कम 12 प्रतिशत होना चाहिए, लेकिन मध्यवर्ती बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक युनो बैंक का अनुपात 5.56 प्रतिशत से नीचे चला गया था।

दूसरा कारण गैरकानूनी और नियम तोड़कर बांटे गए कर्ज हैं। बैंक के नियंत्रकों और अधिकारियों ने जान-पहचान की संस्थाओं और राजनीतिक संबंध रखने वाले लोगों को बड़े पैमाने पर कर्ज दिए। ये कर्ज वापस नहीं आए और बैंक की बैलेंस शीट बैठ गई। तीसरा कारण लिक्विडिटी यानी नकदी का संकट है। ग्राहकों को देने लायक नकद रकम ही नहीं बची थी, इसलिए आधी रात को बैंक के दरवाजे बंद करने पड़े।

बताया जा रहा है कि बैंक के गिरने की कड़ियां सीधे पैराग्वे के राष्ट्रपति तक पहुंच रही हैं। स्थानीय मीडिया ने आरोप लगाया है कि इसमें राष्ट्रपति के करीबी दिग्गजों का हाथ है। इसी वजह से विपक्षी दलों ने आक्रामक रुख अपना लिया है और राष्ट्रपति को पद से हटाने के लिए उन पर महाभियोग (Impeachment) चलाने की जोरदार तैयारी शुरू कर दी है।

इस बीच सरकार ने एक खास प्रस्ताव पास करके लोगों का पैसा चरणों में वापस दिलाने का भरोसा दिया है। फिर भी सड़कों पर उतरे लाखों लोगों का गुस्सा शांत होता नहीं दिख रहा।

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