500 करोड़ की ऑडियो क्लिप पर जरांगे पाटील बोले, मूल डिवाइस रामदास कदम के पास है
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील ने क्लिप का सोर्स बताने से इनकार किया और कहा कि जानकारी चाहिए तो रामदास कदम से पूछा जाए।
महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों 500 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन से जुड़ी एक ऑडियो क्लिप को लेकर काफी हंगामा मचा हुआ है। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील ने यह क्लिप सामने लाई थी, जिसके बाद कई सवाल उठ रहे हैं। यह क्लिप आखिर किससे मिली और इसका असली सोर्स क्या है, यह बात पिछले कुछ दिनों से चर्चा में है। अब खुद जरांगे पाटील ने इस पर अपनी बात रखी है और एक अहम दावा किया है।
जरांगे पाटील ने साफ कहा कि वायरल हुई इस रिकॉर्डिंग का सोर्स वे नहीं बता सकते। उनका कहना है कि अगर इस बारे में जानकारी चाहिए, तो रामदास कदम से पूछा जाए। जरांगे का दावा है कि इस क्लिप का मूल डिवाइस रामदास कदम के पास ही है।
जरांगे ने यह भी कहा कि रामदास कदम ने उनसे दो घंटे पहले यह क्लिप बजाई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि इस मामले में अगर कोई आम आदमी होता, तो पहले उसे गिरफ्तार किया जाता और बाद में पूछताछ होती, लेकिन यहां सबसे पहले एसआईटी बना दी गई।
30 से 35 लोगों की टोली बनाने का आरोप
जरांगे पाटील ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ कुछ लोगों को इकट्ठा किया गया है। उनके मुताबिक, उनके खिलाफ बोलने के लिए 30 से 35 लोगों की एक टोली तैयार की गई है और उसे पूरी ताकत दी जा रही है।
जरांगे ने आरोप लगाया कि पहले यह काम देवेंद्र फडणवीस कर रहे थे और अब एकनाथ शिंदे भी यही कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास अभी भी कई बातों की जानकारी है। जरांगे ने चेतावनी दी कि अगर उन्हें साल भर या छह महीने की फुरसत मिली, तो वे सब कुछ जड़ से बाहर निकाल देंगे।
किसानों से भावुक अपील
राजनीतिक मुद्दों के साथ जरांगे ने राज्य में सूखे के हालात पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पानी की स्थिति बेहद खराब है और कई जगहों पर फलों के बाग जल गए हैं। उनके मुताबिक, इस बार दिवाली की खुशी भी किसानों के चेहरे पर नजर नहीं आती।
जरांगे ने किसानों को हौसला देते हुए कहा कि दिवाली सादगी से मनाएं और बेवजह की जिद न करें। उन्होंने भावुक अपील भी की कि किसी भी हालत में किसान आत्महत्या न करें।
एक तरफ 500 करोड़ की कथित ऑडियो क्लिप को लेकर आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं, तो दूसरी तरफ किसानों की परेशानी पर भी ध्यान देने की जरूरत है। अब सबकी नजर इस पर है कि जांच में इस ऑडियो क्लिप को लेकर क्या सामने आता है।
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