ओला, उबर, रैपिडो ड्राइवरों की सख्त जांच हो, दोषियों पर केस दर्ज करें: परिवहन मंत्री सरनाईक
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं के ड्राइवरों की बारीकी से जांच और नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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मुंबई में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने निर्देश दिए हैं कि रैपिडो, ओला और उबर जैसी ऐप से चलने वाली टैक्सी सेवाओं के ड्राइवरों की सख्ती से जांच की जाए। जो ड्राइवर नियम तोड़ते पाए जाएं, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो और जरूरत पड़ने पर केस भी दर्ज किए जाएं। उन्होंने यह बात मोटर परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की आज हुई बैठक में कही।
इन ऐप आधारित सेवाओं के ड्राइवरों के खिलाफ अलग-अलग तरह की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। इसी वजह से यह बैठक बुलाई गई। इसके अलावा मुंबई के माहिम इलाके में रैपिडो की बाइक टैक्सी चलाने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) ने कार्रवाई की थी, और बैठक उसी कार्रवाई के बाद हुई।
उस व्यक्ति पर आरोप है कि उसके सोशल मीडिया अकाउंट से आपत्तिजनक सामग्री फैलाई गई। मामले की जांच पुलिस कर रही है। बताया जा रहा है कि शुरुआती जांच में उसका पाकिस्तान के किसी व्यक्ति या संगठन से सीधा संबंध होने का कोई सबूत नहीं मिला है।
इस घटना को देखते हुए मंत्री सरनाईक ने कहा कि ऐप से चलने वाली सेवाओं के ड्राइवरों के वेरिफिकेशन, उनके कागजात के सही होने और यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी नियमों के पालन में ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी।
उन्होंने कहा कि रैपिडो, ओला, उबर जैसी कंपनियों के जरिए सवारी ढोने वाले ड्राइवरों का बैकग्राउंड, उनके लाइसेंस और परमिट, जरूरी कागजात और नियमों का पालन, सब कुछ बारीकी से जांचा जाए। जांच में अगर नियमों का उल्लंघन या कानून के तहत संज्ञेय अपराध सामने आए, तो संबंधित लोगों पर नियम के मुताबिक कड़ी कार्रवाई करके केस दर्ज किए जाएं।
सरनाईक ने यह भी कहा कि कोई घटना हो जाने के बाद ही कार्रवाई करने के बजाय ऐसी सेवाओं पर नियमित नजर रखी जाए। इन्हें राज्य परिवहन प्राधिकरण के दायरे में लाने के लिए कानून में बदलाव किया जाए। संभावित गड़बड़ियों को रोकने के लिए असरदार व्यवस्था खड़ी करना भी जरूरी है, ऐसा उन्होंने साफ किया।
ऐप आधारित सवारी सेवाओं का दायरा बढ़ता जा रहा है, इसलिए इस क्षेत्र के ड्राइवरों पर लागू नियमों पर सही तरीके से अमल होना जरूरी है। मंत्री ने निर्देश दिया कि मौजूदा कानूनों या नियमों में जरूरी प्रावधान कम पड़ रहे हों, तो ड्राइवरों को कानून के दायरे में लाने के लिए नया संशोधित कानून बनाने के विकल्प पर भी गंभीरता से विचार किया जाए।
बैठक से साफ संदेश दिया गया कि यात्रियों की सुरक्षा, ट्रांसपोर्ट व्यवस्था के अनुशासन और कानून के पालन पर कोई समझौता नहीं होगा। सरनाईक ने संबंधित विभागों को ताकीद की कि वे आपस में तालमेल से काम करें, शिकायतों को गंभीरता से लें और दोषियों पर कानून के मुताबिक कार्रवाई करें। ऐप सेवाओं से यात्रियों को सुविधा जरूर मिलती है, लेकिन इनके ड्राइवरों की जांच और नियमन को और असरदार बनाने की जरूरत एक बार फिर सामने आई है।
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