अहेरी के मनोनीत नगरसेवक गुडेलीवार 1.20 लाख की रिश्वत लेते एसीबी के जाल में
गोंदिया एसीबी की टीम ने अहेरी नगरपंचायत के स्वीकृत नगरसेवक अमोल गुडेलीवार को रिश्वत की रकम लेते रंगे हाथ पकड़ा।
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अहेरी नगरपंचायत के स्वीकृत नगरसेवक अमोल विलासराव गुडेलीवार को लाचलुचपत प्रतिबंधक विभाग (एसीबी) की गोंदिया टीम ने गुरुवार 15 अक्टूबर 2026 को ठेकेदार से 1,20,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। विभाग के मुताबिक यह कार्रवाई अहेरी में उनके हार्डवेअर की दुकान पर हुई। गुडेलीवार की उम्र 40 साल है और वे अहेरी के प्रभाग क्रमांक 9, राजे विश्वेश्वर महाराज चौक, बस स्टॉप रोड के रहने वाले हैं। मामला गड़चिरोली जिले के अहेरी तालुका का है।
शिकायतकर्ता 33 साल का एक पुरुष है, जो इलेक्ट्रिकल ठेकेदारी का काम करता है। उसकी अपनी ठेकेदारी फर्म है, उसके पास ठेकेदारी का लाइसेंस है और अहेरी में उसकी इलेक्ट्रिक की दुकान भी है। उसके एक मित्र की ठेकेदारी फर्म को नगरोत्थान योजना 2025-26 के तहत अहेरी में अतिरिक्त सर्विस केबल डालने का काम मिला था। प्रभाग एक से दस के काम की मंजूर निविदा रकम 9,93,909 रुपये थी और प्रभाग 11 से 17 की 9,93,856 रुपये, यानी कुल 19,87,765 रुपये।
शिकायतकर्ता ने मित्र की ओर से प्रभाग 11 से 17 का काम करार करके पूरा किया। प्रभाग एक से दस का काम करने वाले ठेकेदार उसके मित्र थे, इसलिए उस काम की देखरेख भी वही करता था। दोनों कामों का कार्यारंभ आदेश मिलने के बाद उसने तय मियाद यानी 180 दिन में काम पूरा किया और दोनों कामों का पूरा बिल निकल गया।
शिकायत के मुताबिक बिल निकलने के बाद नगरसेवक अमोल गुडेलीवार शिकायतकर्ता की दुकान पर आए और कहने लगे कि अहेरी की नगरोत्थान योजना के ये काम उन्होंने खुद गड़चिरोली की जिला नियोजन समिति से लाए हैं और ये उनके कोटे के हैं। इसके बदले उन्होंने कुल बिल का 15 प्रतिशत, यानी तीन लाख रुपये, देने की बार-बार मांग की। शिकायतकर्ता के अनुसार मजबूरी में उसने 5 अगस्त 2026 को आरोपी को 30,000 रुपये नकद दे दिए।
इसके बाद भी आरोपी ने शिकायतकर्ता को व्हाट्सऐप फोन पर कॉल करके बाकी 2,70,000 रुपये की रिश्वत मांगी। रिश्वत देने की इच्छा न होने से शिकायतकर्ता ने गोंदिया के लाचलुचपत प्रतिबंधक विभाग में शिकायत दी।
शिकायत की पड़ताल के लिए 15 अक्टूबर 2026 को शिकायतकर्ता को पंच और वॉइस रेकॉर्डर के साथ आरोपी की हार्डवेअर की दुकान पर भेजा गया। विभाग के मुताबिक आरोपी ने वहां 2,70,000 रुपये की रिश्वत मांगी और कहा कि जितने पैसे हो सकें थोड़ी देर में लाकर दो। शिकायतकर्ता ने बताया कि फिलहाल उसके पास 1,20,000 रुपये हैं, तो आरोपी ने वही रकम थोड़ी देर में दुकान पर लाने को कहा।
उसी दिन शिकायतकर्ता को वॉइस रेकॉर्डर, पंच और रिश्वत की रकम के साथ दोबारा आरोपी की दुकान पर भेजा गया। आरोपी ने शिकायतकर्ता से 1,20,000 रुपये की रिश्वत की रकम ली और उसी वक्त उसे रंगे हाथ पकड़ लिया गया। आरोपी को हिरासत में लिया गया है।
आरोपी लोकसेवक के खिलाफ अहेरी पुलिस स्टेशन, जिला गड़चिरोली में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। विभाग के मुताबिक मामला दर्ज होते ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।
जाल बिछाने वाले अधिकारी पुलिस निरीक्षक अरविंद राऊत हैं और पर्यवेक्षक अधिकारी पुलिस उपअधीक्षक निलेश लोधी हैं, दोनों एसीबी गोंदिया के हैं। टीम में एएसआई चंद्रकांत करपे, हेड कांस्टेबल संजयकुमार बोहरे और मंगेश कहालकर, तथा एनपीसी संतोष शेंडे, संतोष बोपचे, प्रशांत सोनवणे और दिपक बाटबर्वे शामिल थे। मार्गदर्शन एसीबी नागपुर के पुलिस अधीक्षक दिंगबर प्रधान, अपर पुलिस अधीक्षक माधुरी बाविस्कर और अपर पुलिस अधीक्षक विजय माहुलकर ने किया।
एसीबी ने नागरिकों से अपील की है कि भ्रष्टाचार की कोई जानकारी हो या रिश्वत मांगने वाले किसी लोकसेवक के खिलाफ शिकायत हो, तो विभाग से संपर्क करें। गोंदिया कार्यालय तिरोडा रिंग रोड पर रेलवे गेट के पास है और उसका फोन नंबर 07182-251203 तथा 9209041064 है। नागपुर और मुंबई कार्यालयों के साथ टोल-फ्री नंबर 1064 पर भी संपर्क किया जा सकता है।