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18:06 IST

नेपाल के गोरखा में बुढी गंडकी नदी में अचानक बाढ़, घर और पुल बहे, अलर्ट जारी

गोरखा जिले के उत्तरी हिस्से में बुढी गंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ से कई बस्तियां पानी में डूब गईं। प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।

नेपाल के गोरखा में बुढी गंडकी नदी में अचानक बाढ़, घर और पुल बहे, अलर्ट जारी तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नेपाल से एक चिंताजनक खबर आई है। गोरखा जिले के उत्तरी हिस्से में बहने वाली बुढी गंडकी नदी में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे नदी किनारे की कई बस्तियां पानी में डूब गईं। इस अचानक आई बाढ़ से स्थानीय लोगों और पर्यटकों में काफी डर फैल गया है और कई लोगों को सुरक्षित जगहों पर पनाह लेनी पड़ी।

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने तुरंत सख्त चेतावनी जारी की है। प्राधिकरण ने साफ कहा है कि जब तक बाढ़ का पानी पूरी तरह उतर नहीं जाता, तब तक त्रिशुली दोभान तक नदी किनारे के इलाकों में कोई न जाए और जितनी जल्दी हो सके ऊंची और सुरक्षित जगह पर रुके। प्राधिकरण ने अपने ट्वीट में लिखा कि बुढी गंडकी नदी के चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका-6 से एक बड़ी बाढ़ आ रही है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां हालात पर लगातार नजर रखे हुए हैं।

गोरखा के मुख्य जिलाधिकारी धर्मेंद्र कुमार मिश्रा की दी हुई शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में अब तक किसी की जान जाने का आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है, जो राहत की बात है। लेकिन चीन सीमा के पास चुमनुब्री और धार्चे ग्रामीण नगरपालिका इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। जगत और सल्लेरी गांवों के कई घर, झूलते पुल और एक अहम स्टील का पुल बाढ़ के तेज बहाव में बह गए हैं। इसके अलावा 341 मेगावॉट क्षमता वाले बुढी गंडकी जलविद्युत प्रोजेक्ट का निर्माण कैंप भी पानी में बह गया।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, रात के वक्त अचानक पानी की आवाज आने लगी तो लोग जान बचाने के लिए भाग निकले। बाढ़ की रफ्तार इतनी तेज थी कि कुछ ही सेकंड में सब कुछ तबाह हो गया। शुरुआती अंदाजा यह लगाया जा रहा है कि लोकपा और चुमलिंग के बीच हुए बड़े भूस्खलन से बुढी गंडकी की सहायक नदी 'सियार खोला' का बहाव कुछ देर के लिए रुक गया होगा, और फिर पानी का बहुत बड़ा रेला एक साथ छूटने से यह तबाही मची।

बचाव का काम शुरू हो चुका है। नेपाल सेना की टुकड़ियां हवाई और जमीनी रास्ते से खोज और बचाव कार्य में लगाई गई हैं। भूस्खलन के जोखिम वाले जगत इलाके से 6 लोगों को हवाई रास्ते से बचाया गया है। काठमांडू में मौजूद कंपोजिट क्विक रिएक्शन टीम को भी हवाई साधन से उस इलाके में तैनात किया गया है। भूस्खलन और बाढ़ से कटे दूरदराज के इलाकों से लोगों को निकालने के लिए नेपाल सेना के हेलिकॉप्टर लगाए गए हैं।

इस ताजा घटना ने कुछ महीने पहले रसुवा और त्रिशुली नदी के इलाके में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन की डरावनी यादें फिर ताजा कर दी हैं। उस पिछले हादसे में हजारों लोग प्रभावित हुए थे, इसलिए इस बार प्रशासन ज्यादा सतर्क है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर भरोसा न करने, सतर्क रहने और आपातकालीन मदद के लिए प्रशासन के संपर्क में रहने की अपील की है।

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