मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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19:46 IST

नेपाल में हिमलुंग हिमाल बेस कैंप पर हिमस्खलन, तिब्बत सीमा के पास 10 लोग बर्फ में लापता

तिब्बत सीमा के करीब हिमलुंग हिमाल के बेस कैंप पर रविवार सुबह अचानक हिमस्खलन हुआ, जिसमें कई पर्वतारोही और कर्मचारी बर्फ के नीचे दब गए। मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद कुछ टीमें कैंप में रुकी रहीं, और अब खराब मौसम की वजह से बचाव अभियान भी अटका हुआ है।

नेपाल में हिमलुंग हिमाल बेस कैंप पर हिमस्खलन, तिब्बत सीमा के पास 10 लोग बर्फ में लापता
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहे नेपाल में रविवार सुबह एक और भयानक हादसा हो गया। तिब्बत सीमा के पास बसा और पर्वतारोहियों में बेहद लोकप्रिय हिमलुंग हिमाल का बेस कैंप अचानक आए हिमस्खलन की चपेट में आ गया। इस हादसे में कम से कम 10 लोग बर्फ के नीचे दब गए और उनका अब तक कोई पता नहीं चला है। लापता हुए लोगों में अलग-अलग एक्सपेडिशन कंपनियों के कर्मचारी और खुद पर्वतारोही भी शामिल बताए जा रहे हैं। इस घटना ने नेपाल में पहले से चल रही आपदा की स्थिति को और गंभीर बना दिया है और पूरे इलाके में डर का माहौल है।

इस मोहिम के मुख्य आयोजक और मशहूर नेपाली पर्वतारोही मिंगमा ग्यालजे शेर्पा ने सोशल मीडिया पर इस घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि लापता हुए 10 लोगों में उनकी अपनी मोहिम की कैंप रसोई के दो कर्मचारी भी शामिल हैं। रविवार सुबह अचानक आए तेज हिमतूफान और बर्फ के भारी सैलाब की वजह से यह हादसा हुआ। यह हिमस्खलन इतनी अचानक आया कि कैंप में मौजूद लोगों को सुरक्षित जगह भागने का मौका तक नहीं मिला।

दरअसल नेपाल के मौसम विभाग ने पिछले हफ्ते ही पहाड़ी इलाकों में बेहद खराब मौसम की साफ चेतावनी जारी कर दी थी। बंगाल की खाड़ी में बने एक तेज मौसमी सिस्टम की वजह से पहाड़ों में भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में तेज बारिश होने का अंदेशा जताया गया था। इस चेतावनी के बाद ज्यादातर पर्वतारोहण टीमें, लोकल गाइड और रोप-फिक्सिंग टीमें एहतियात के तौर पर अपनी मोहिम रोककर नीचे सुरक्षित जगह उतरने लगी थीं। लेकिन बार-बार चेतावनी मिलने के बावजूद कुछ पर्वतारोहियों और कर्मचारियों ने खतरा मोल लेकर बेस कैंप पर ही रुकने का फैसला किया। पिछले कई दिनों से इस पूरे पहाड़ी इलाके में लगातार बर्फबारी हो रही थी, जिसकी वजह से इस सीजन की कई पर्वतारोहण मोहिमें पहले ही रद्द करनी पड़ी थीं। इसी गंभीर हालत में कैंप में रुकना आखिरकार जानलेवा साबित हुआ और रविवार सुबह हिमस्खलन ने पूरी ताकत से हमला कर दिया।

नेपाल के मनांग जिले में स्थित 7126 मीटर ऊंचा हिमलुंग हिमाल दुनियाभर के साहसी पर्वतारोहियों के लिए एक बड़ा आकर्षण माना जाता है। खासकर 8000 मीटर से ऊंची चोटियों पर जाने से पहले हाई एल्टीट्यूड चढ़ाई का अनुभव लेने के लिए कई पर्वतारोही इस पहाड़ को चुनते हैं। लेकिन इस चोटी का भौगोलिक इलाका बेहद मुश्किल और चुनौतीपूर्ण है।

फिलहाल हादसे वाली जगह पर बचाव अभियान चलाना बेहद कठिन हो गया है। एक तरफ लगातार बर्फबारी और कोहरे की वजह से विजिबिलिटी लगभग जीरो हो गई है, तो दूसरी तरफ दुर्गम इलाके की वजह से जमीन के रास्ते मदद पहुंचाना लगभग नामुमकिन हो गया है। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि इस इलाके में हेलिकॉप्टर उड़ाने के लिए नेपाल प्रशासन से खास परमिशन लेनी पड़ती है। परमिशन मिलने में हो रही देरी और खराब मौसम की वजह से हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर पा रहे, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी तरह ठप पड़ गया है।

बंगाल की खाड़ी के मॉनसून और मौसमी सिस्टम की सीधी मार अभी पूरे नेपाल पर पड़ रही है। एक तरफ पहाड़ों में बर्फबारी चल रही है, तो दूसरी तरफ निचले और पहाड़ी इलाकों में शुक्रवार से तेज बारिश और लैंडस्लाइड ने भारी तबाही मचाई है। कई बड़े हाईवे, पुल और सड़कें लैंडस्लाइड में बह गई हैं, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। कई गांवों और टूरिस्ट जगहों का बाकी देश से संपर्क टूट गया है।

हालात बिगड़ते देख नेपाल के टूरिज्म डिपार्टमेंट और लोकल प्रशासन ने फौरन निर्देश जारी किए हैं। देशभर के सभी ट्रेकर्स, पर्वतारोहियों और टूरिस्टों को अपनी गतिविधियां तुरंत रोकने की सख्त सलाह दी गई है। टूरिज्म डिपार्टमेंट ने अगले कुछ दिनों के लिए सभी तरह की साहसिक पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाने वाला अलर्ट जारी किया है और टूरिस्टों से सुरक्षित जगह शरण लेने की अपील की है।

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