नेपाल के डोल्पा जेल से 8 कैदी सेप्टिक टैंक से 4 मीटर सुरंग खोदकर फरार
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नेपाल के डोल्पा जिला जेल में 15 सुरक्षाकर्मियों के पहरे के बावजूद आठ कैदी सुरंग खोदकर भाग निकले।
नेपाल के डोल्पा जिला जेल से आठ कैदी फरार हो गए हैं। कैदियों ने सेप्टिक टैंक की तरफ से करीब 4 मीटर लंबी सुरंग खोदी और बाहर निकल गए। इस वाकये से पूरे देश में हलचल मच गई है। जेल में 15 सुरक्षाकर्मी तैनात थे और लगभग हर कैदी के पीछे एक रक्षक था, फिर भी किसी को भनक तक नहीं लगी।
मामला 31 अक्टूबर की सुबह 5:45 बजे सामने आया। उस वक्त जेल में रोज की तरह कैदियों की गिनती और तलाशी चल रही थी। जेलर दीर्घराज आर.सी. ने बताया कि इससे पहले की रात इलाके में तेज बारिश हो रही थी, कड़ाके की ठंड थी और बिजली भी चली गई थी। कैदियों ने इसी अंधेरे और मौसम का फायदा उठाया।
जेल में कैदियों के सोने की जगह सीधे एक सेप्टिक टैंक से जुड़ी थी। इसी कमजोर कड़ी का फायदा उठाकर कैदियों ने रात में चुपचाप सुरंग खोदना शुरू किया। उन्होंने सेप्टिक टैंक की तरफ से दीवार के नीचे से बाहर निकलने के लिए करीब 4 मीटर लंबी सुरंग बना ली। इतनी खुदाई और मिट्टी हटाने के बावजूद किसी को कुछ पता नहीं चला, इसलिए प्रशासन के कामकाज पर लोगों में नाराजगी है।
डोल्पा जिला जेल की क्षमता 150 लोगों की है, जिसमें 50 महिलाएं और 100 पुरुष हो सकते हैं। लेकिन घटना के वक्त वहां सिर्फ 17 कैदी थे। उनकी सुरक्षा के लिए 15 हथियारबंद सुरक्षाकर्मी लगे थे। यानी हर कैदी पर करीब एक रक्षक था। इसके बावजूद आठ कैदी भाग गए, इस पर हैरानी जताई जा रही है।
फरार कैदियों में गंभीर आरोपों वाले लोग शामिल हैं। इनमें से पांच पर बलात्कार का आरोप था और बाकी तीन पर चोरी के मामले दर्ज थे। कुछ कैदी ऐसे थे जिन पर मुकदमा चल रहा था और जो हाल ही में जेल आए थे। कुछ को अदालत ने 1 से 12 साल तक की सजा सुनाई थी।
पुलिस की जारी सूची के मुताबिक फरार कैदी ये हैं: कालीप्रसाद रोकाया (29), त्रिपुरासुंदरी नगरपालिका-7, डोल्पा। धनबहादुर उर्फ हरिबहादुर बुडा (28), त्रिपुरासुंदरी नगरपालिका-4, डोल्पा। यज्ञ बिक (25), बरेकोट ग्रामीण नगरपालिका-1, जाजरकोट। दिपेन्द्र बुडा (28), नळगड नगरपालिका-9, जाजरकोट। तिलक भंडारी (38), अथबिस्कोट नगरपालिका-5, रुकुम पश्चिम। रामबहादुर कामी (32), अथबिस्कोट नगरपालिका-10, रुकुम पश्चिम। निशान उर्फ आदेश भंडारी (32), रुकुम पश्चिम। गणेश बुडा (28), कुमाख ग्रामीण नगरपालिका-5, सल्यान।
जेलर दीर्घराज आर.सी. ने मीडिया से कहा, "सुबह की तलाशी के दौरान हमें पता चला कि वे भाग गए हैं। कैदियों ने अपने सोने की जगह और सेप्टिक टैंक के बीच के जोड़ का गलत इस्तेमाल किया।" उन्होंने यह भी बताया कि जेल की सुरक्षा के लिए बनी चौकी करीब 20 से 21 फीट ऊंची थी। रात में बारिश और अंधेरे की वजह से चौकी पर खड़े रक्षकों को नीचे का कुछ दिखाई नहीं दिया।
जेल में अब भी नौ कैदी बचे हैं और उनसे भी कड़ी पूछताछ की जा रही है। इस बीच नेपाल प्रशासन ने आठों फरार कैदियों की तलाश में बड़ा अभियान छेड़ा है। सीमा से लगे इलाकों और आसपास के जिलों में पुलिस की टीमें लगाई गई हैं। सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई, इसकी उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
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