सोम‌वार, 26 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
AQI 319 | Very Poor 07:47 IST

नवरात्री के नौ दिनों में देश भर में बिकीं 10.32 लाख गाड़ियां

नवरात्री में गाड़ियों की बिक्री बड़े आंकड़े पर पहुंची, दोपहिया ने सहारा दिया जबकि कारों की बिक्री पिछले साल से घटी।

नवरात्री के नौ दिनों में देश भर में बिकीं 10.32 लाख गाड़ियां तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

इस साल नवरात्री के दौरान भारत में गाड़ियों की बिक्री ने बड़ा आंकड़ा छू लिया। सिर्फ 9 दिनों में पूरे देश में 10.32 लाख गाड़ियां बिकीं। यानी इस दौरान हर सेकंड एक से ज्यादा गाड़ी बिकी। इन आंकड़ों से साफ दिखता है कि त्योहारों के मौसम में गाड़ी खरीदने का उत्साह बढ़ रहा है।

इस बिक्री में सबसे बड़ा हिस्सा दोपहिया गाड़ियों का रहा। नवरात्री में दोपहिया की मांग में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज हुई। गांव और शहर, दोनों जगह के कस्टमर ने दोपहिया खरीदना पसंद किया, जिससे कुल बिक्री को रफ्तार मिली। रोज के सफर के लिए किफायती गाड़ी, त्योहार के ऑफर और खरीद के लिए मिलने वाली अलग-अलग फायनेंस सुविधाओं ने भी दोपहिया की बिक्री में मदद की। दोपहिया के इस प्रदर्शन से गाड़ी उद्योग को त्योहार की शुरुआत में ही अच्छे संकेत मिले हैं।

दूसरी तरफ, एक ओर कुल बिक्री बढ़ी दिख रही है, पर पैसेंजर गाड़ियों यानी कारों की बिक्री पिछले साल के मुकाबले घटी है। इसकी एक अहम वजह यह मानी जा रही है कि पिछले साल जीएसटी से जुड़े बदलावों के कारण त्योहारों के वक्त अलग से मांग पैदा हुई थी। इसलिए इस साल के आंकड़ों की तुलना करते वक्त पिछले साल की उस असामान्य बढ़ोतरी को ध्यान में रखना जरूरी है।

बिक्री के आंकड़े संतोषजनक होने के बावजूद डीलर सावधान हैं। कारों का स्टॉक बढ़ा हुआ है और गाड़ी खरीदने के लिए लगने वाला खर्च भी ज्यादा है, जो उनके सामने चुनौती है। कारों का स्टॉक ज्यादा वक्त शोरूम में पड़ा रहे तो डीलरों की पूंजी फंस सकती है। इसलिए मांग का अंदाजा लगाकर ही नई गाड़ियों की सप्लाई पर जोर दिया जा रहा है।

नवरात्री की बिक्री ने गाड़ी उद्योग को अच्छी शुरुआत दी है, लेकिन आगे के त्योहारी दिनों में भी यही मांग बनी रहती है या नहीं, यह अहम होगा। दोपहिया की मजबूत मांग और कारों के स्टॉक की चिंता, इन दोनों पर कंपनियों और डीलरों की नजर रहेगी। फायनेंस का खर्च, कस्टमर की खरीदने की तैयारी और कंपनियों के ऑफर आने वाली बिक्री पर असर डाल सकते हैं।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे