नाशिक में विवाहिता ने जहर खाकर जान दी, पति समेत सात पर केस, पति गिरफ्तार
सातपुर पुलिस ने दीपाली पवार की मौत के मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है। पति अनिल पवार को 9 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।
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नाशिक के सातपुर पुलिस स्टेशन के इलाके में एक विवाहिता की मौत की खबर से हड़कंप मच गया है। बताया गया है कि पुलिस में काम करने वाले पति के हाथों जिस्मानी और ज़हनी तकलीफ झेलते-झेलते तंग आकर महिला ने जहर खा लिया और आत्महत्या कर ली। पुलिस ने इस मामले में पति समेत सात लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है। पति को गिरफ्तार कर लिया गया है।
मृतक महिला का नाम दीपाली अनिल पवार था। उनकी उम्र 32 साल थी और वे महात्मानगर के क्लासिक निकेतन अपार्टमेंट में रहती थीं। उनके पति अनिल पवार नाशिक ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सीनियर क्लर्क हैं। उन्हें सातपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। नाशिक की अदालत ने उन्हें 9 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।
मिली जानकारी के मुताबिक दीपाली ने अपनी कमाई से अहिल्यानगर में एक फ्लैट खरीदा था। आरोप है कि पति और ससुराल वाले बार-बार दबाव डाल रहे थे कि यह फ्लैट देवर सुनील के नाम कर दिया जाए। इसी परेशानी से तंग आकर दीपाली ने जहर खा लिया।
जहर खाने के बाद भी दीपाली ने हार नहीं मानी और खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल पहुंचीं। आरोप है कि इलाज का खर्च उठाने से पति अनिल ने मना कर दिया और गंभीर हालत में पत्नी को जिला अस्पताल की सीढ़ियों पर छोड़कर वहां से चला गया।
दीपाली जातेगांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नर्स थीं। अनिल पहले एसआरपीएफ, दौंड में तैनात थे और अब नाशिक ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय में हैं। शिकायत में आरोप है कि अनिल ने दीपाली के सैलरी वाले एटीएम कार्ड को अपने पास रख लिया था और उनके खाते से पैसे निकाल लेता था। सात साल के बेटे की पढ़ाई के लिए जब दीपाली ने कार्ड वापस मांगा, तो शिकायत के मुताबिक उन पर ज़ुल्म और बढ़ गया।
आरोप यह भी है कि दीपाली के काम की जगह से फोन आता तो अनिल उनके चरित्र पर शक करता था। इसी बात पर झगड़ा होता और मारपीट की जाती थी। दीपाली ने इससे पहले घरेलू हिंसा की शिकायत भी दर्ज कराई थी।
जहर खाने के बाद दीपाली ने अपने पिता को फोन करके सारी बात बताई। पिता ने अपने बेटे भूषण को तुरंत नाशिक भेजा। भूषण ने दीपाली को एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
दीपाली के पिता सयाजी गायकवाड़, जो त्र्यंबक के रहने वाले हैं, की शिकायत पर सातपुर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज हुआ है। इसमें पति अनिल पवार, सास सुशिला, ससुर सोन्याबापू, देवर सुनील, जेठानी सुवर्णा, ननद रेखा धोत्रे और नंदोई किशोर धोत्रे के नाम हैं। इन सात लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। इनमें से अनिल के अलावा बाकी सब श्रीगोंदा के घारगांव के रहने वाले हैं। मामले की आगे की जांच पुलिस सब-इंस्पेक्टर राहुल नळकांडे कर रहे हैं।