बुधवार, 7 अक्टूबर 2026

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18:47 IST

दूसरे की जमीन दिखाकर 66 लाख की कथित ठगी, तीन पर FIR

नागपुर के नंदनवन थाना क्षेत्र में खेती की जमीन के नाम पर 66 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी, नंदनवन पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की।

दूसरे की जमीन दिखाकर 66 लाख की कथित ठगी, तीन पर FIR तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नागपुर के नंदनवन थाना क्षेत्र से खेती की जमीन के नाम पर 66 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि शिकायतकर्ता को ऐसी जमीन दिखाई गई, जिसका मालिकाना हक आरोपियों के पास नहीं था। आरोप के मुताबिक इसके बाद कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड तैयार करके जमीन का सौदा कराया गया और शिकायतकर्ता से नकद और चेक के जरिए लाखों रुपये लिए गए। ये सभी बातें फिलहाल आरोप हैं।

शिकायत के आधार पर नंदनवन पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।

पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता शिवराज ठाकरे खेती की जमीन खरीदना चाहते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात आरोपियों से हुई। आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें मौजा भरतवाड़ा, काटोल रोड क्षेत्र में सर्वे नंबर 113 की करीब 3.49 हेक्टेयर जमीन दिखाई।

आरोपियों ने दावा किया कि यह जमीन अनंत हरिभाऊ कुकड़े के नाम पर है। इसके बाद इस जमीन का सौदा करीब 1 करोड़ 31 लाख रुपये में तय किए जाने का आरोप है।

पुलिस को की गई शिकायत के मुताबिक आरोपी गणेश दांडे ने कथित तौर पर हीरासिंग और नाना निकोसे की मदद से अनंत कुकड़े के नाम से फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड तैयार किए। आरोप है कि जमीन की बिक्री से जुड़े इस कथित फर्जीवाड़े में इन्हीं फर्जी दस्तावेजों और बैंक खाते का इस्तेमाल किया गया।

शिकायत के अनुसार आरोपियों ने जमीन के सौदे के नाम पर शिकायतकर्ता से अलग-अलग माध्यमों से नकद और चेक के जरिए कुल 66 लाख रुपये लिए। बाद में शिकायतकर्ता को जमीन के मालिकाना हक और दस्तावेजों से जुड़ी कथित हकीकत का पता चला। इसके बाद उन्होंने नंदनवन पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।

नंदनवन पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनका इस्तेमाल करने सहित संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की है। फिलहाल पुलिस जमीन के दस्तावेजों, लेनदेन और कथित फर्जी पहचान पत्रों की जांच कर रही है। यानी आरोपों की जांच अभी चल रही है, और मामले में आगे की कार्रवाई इसी जांच के आधार पर की जाएगी।

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