नाशिक में बंद पड़े मनपा स्कूल फिर खुलेंगे, दादा भुसे ने अफसरों को दिए निर्देश
स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने नाशिक महानगरपालिका के बंद स्कूलों की मरम्मत कर उन्हें दोबारा चालू करने और बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए ठोस एक्शन प्लान बनाने को कहा है।
नाशिक महानगरपालिका के इलाके में जो स्कूल बंद पड़े हैं, उन्हें फिर से चालू किया जाएगा। स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने अफसरों को निर्देश दिया है कि जरूरी मरम्मत और बुनियादी सुविधाओं के साथ इन स्कूलों को दोबारा शुरू किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इन स्कूलों में बच्चों के लिए सुरक्षित, साफ-सुथरा और सुविधाओं से भरा पढ़ाई का माहौल बनाने पर जोर दिया जाए।
मंत्री भुसे ने साफ किया कि मनपा स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए असरदार प्लानिंग और ठोस एक्शन प्लान बनाया जाए और उसे लागू भी किया जाए।
दादा भुसे ने नाशिक शहर के तीन स्कूलों का दौरा किया। इनमें पंचवटी का मनपा प्राथमिक स्कूल क्रमांक 30, सिडको का मनपा माध्यमिक स्कूल और जेलरोड का मनपा स्कूल क्रमांक 56 शामिल हैं। इस दौरान उन्होंने स्कूलों में मौजूद पढ़ाई की सुविधाओं, क्लासरूम, इमारतों की मौजूदा हालत, बुनियादी सुविधाओं और बच्चों की पढ़ाई की स्थिति का जायजा लिया।
मौके पर महापौर हिमगौरी आहेर-आडके, उपमहापौर विलास शिंदे, अजय बोरस्ते और प्रविण तिदमे के साथ महानगरपालिका प्रशासन के संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
भुसे ने निर्देश दिया कि महानगरपालिका इलाके में फिलहाल बंद सभी स्कूलों की मौजूदा हालत देखी जाए और उन्हें ठीक तरीके से अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जाए। जिन स्कूलों की इमारत या परिसर में मरम्मत की जरूरत है, वहां का काम प्राथमिकता से और जल्द पूरा करने को कहा गया है। स्कूल दोबारा शुरू करने के लिए जो बुनियादी सुविधाएं, सफाई, सुरक्षा, क्लासरूम और बच्चों के लिए दूसरी सहूलियतें चाहिए, उनका इंतजाम पक्का करने के लिए भी कहा गया।
मंत्री भुसे के मुताबिक मनपा स्कूलों में बच्चों को अच्छी पढ़ाई की सुविधाएं मिलना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है कि स्कूलों की इमारतें और परिसर देखने में आकर्षक हों। उन्होंने कहा कि स्कूलों में सकारात्मक और खुशनुमा माहौल बनेगा तो पालकों का मनपा स्कूलों को देखने का नजरिया भी बेहतर होगा।
इसलिए उन्होंने निर्देश दिया कि सिर्फ बंद स्कूल फिर से खोलकर बात खत्म न की जाए, बल्कि बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए ठोस एक्शन प्लान बनाकर उसे असरदार ढंग से लागू किया जाए।
स्कूलों के दौरे के वक्त अफसरों से वहां मौजूद शैक्षणिक साधनों, बच्चों की सुविधाओं और जरूरी सुधारों की जानकारी ली गई। जहां जरूरी काम अटके पड़े हैं, उन्हें तय समय में पूरा करने के लिए फौरन कार्रवाई करने के निर्देश भी मंत्री दादा भुसे ने संबंधित अफसरों को दिए।