नागपुर में जमीन के नाम पर 66 लाख की ठगी का आरोप, तीन के खिलाफ केस दर्ज
नंदनवन पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में आरोप है कि फर्जी आधार और पैन कार्ड के सहारे खेती की ऐसी जमीन दिखाई गई, जो आरोपियों की थी ही नहीं।
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नागपुर के नंदनवन पुलिस स्टेशन के इलाके में जमीन के सौदे के नाम पर 66 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि तीन लोगों ने एक व्यक्ति को ऐसी खेती की जमीन दिखाई, जो उनकी थी ही नहीं। सौदे को असली दिखाने के लिए कथित तौर पर फर्जी आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल किया गया। इस मामले में तीनों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने जमीन के सौदे को सही बताकर शिकायतकर्ता से नकद और चेक के जरिए लाखों रुपये लिए।
पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता शिवराज ठाकरे खेती की जमीन खरीदने की तलाश में थे। इसी दौरान उनकी जान-पहचान आरोपियों से हुई। आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें काटोल रोड पर मौजा भारतवाड़ा इलाके में सर्वे नंबर 113 की करीब 3.49 हेक्टेयर जमीन दिखाई।
आरोपियों ने कथित तौर पर कहा कि यह जमीन अनंत हरिभाऊ कुकडे की है। बताया जाता है कि यह सौदा करीब 1.31 करोड़ रुपये में तय हुआ था।
पुलिस में दी गई शिकायत के अनुसार आरोपी गणेश डांडे ने कथित तौर पर हीरासिंह और नाना निकोसे की मदद से अनंत कुकडे के नाम पर फर्जी आधार और पैन कार्ड बनवाए। पुलिस को शक है कि कथित तौर पर जाली पहचान दस्तावेजों और एक बैंक खाते का इस्तेमाल इस कथित फर्जी जमीन सौदे में किया गया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जमीन के सौदे के सिलसिले में अलग-अलग भुगतान के जरिए, जिनमें नकद और चेक शामिल थे, आरोपियों ने उनसे कुल 66 लाख रुपये लिए।
कथित धोखाधड़ी का पता तब चला, जब शिकायतकर्ता को बाद में जमीन की मालिकी और सौदे के वक्त दिखाए गए दस्तावेजों में गड़बड़ियों की जानकारी मिली। इसके बाद वे नंदनवन पुलिस के पास पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर नंदनवन पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह FIR धोखाधड़ी, जालसाजी और जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल से जुड़ी संबंधित धाराओं में दर्ज की गई है।
पुलिस फिलहाल जमीन के रिकॉर्ड, पैसों के लेन-देन, बैंक खाते की जानकारी और कथित फर्जी पहचान दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच में जो सामने आएगा, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।