मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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19:13 IST

निदा खान के पति ने मांगा तलाक, कोर्ट ने भेजा समन, 16 अक्टूबर को पेशी

नाशिक की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी से जुड़े कथित धर्मांतरण की साजिश के मामले में संदिग्ध आरोपी निदा एजाज खान के सामने अब निजी जिंदगी का नया संकट खड़ा हो गया है।

निदा खान के पति ने मांगा तलाक, कोर्ट ने भेजा समन, 16 अक्टूबर को पेशी
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

नाशिक के बहुराष्ट्रीय कंपनी वाले मामले में आरोपी निदा एजाज खान की निजी जिंदगी भी अब कोर्ट पहुंच गई है। उनके पति ने शादी तोड़ने के लिए तलाक की अर्जी लगाई है। अर्जी पर नाशिक की फैमिली कोर्ट ने निदा के नाम समन निकाला है। समन 22 सितंबर को जारी हुआ और इसमें 16 अक्टूबर की तारीख दी गई है।

समन में क्या लिखा है, इस पर दोनों खबरों में थोड़ा फर्क है। एक जानकारी के मुताबिक कोर्ट ने कहा है कि निदा 16 अक्टूबर को खुद हाजिर हों। दूसरी जानकारी में कहा गया है कि उस दिन निदा या उनके वकील में से कोई एक पेश हो जाए, तो चलेगा। जो भी हो, उस दिन कोर्ट में निदा की तरफ से हाजिरी जरूरी है। माना जा रहा है कि तलाक की अर्जी पर आगे की कार्रवाई उसी दिन से शुरू होगी।

अभी यह साफ नहीं है कि पति ने अर्जी में क्या इल्जाम लगाए हैं या तलाक की क्या वजह बताई है। इसकी तफसील सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि निदा इस वक्त आठ महीने की गर्भवती हैं। यानी एक तरफ कानूनी लड़ाई चल रही है और दूसरी तरफ शादी टूटने की नौबत आ गई है।

शादी करीब दो से तीन साल पहले हुई थी। कहा जा रहा है कि 26 मार्च के बाद जब इन मामलों में निदा का नाम आया, तब से पुलिस जांच और कोर्ट के चक्कर शुरू हुए और घर में तनाव बढ़ता गया। बदनामी और समाज के दबाव को देखते हुए पति ने अलग होने का फैसला किया, ऐसा बताया गया है।

अब उस मामले की बात, जिसमें निदा का नाम आया है। मामला नाशिक की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी से जुड़ा है, जिसे टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (TCS) की नाशिक यूनिट बताया गया है। इसमें यौन उत्पीड़न और कथित जबरन धर्मांतरण की साजिश के इल्जाम हैं। इसी कंपनी की एक युवती और एक युवक ने अलग-अलग शिकायतें दी थीं, जिन पर दो केस दर्ज हुए।

पहला केस देवळाली कैंप पुलिस स्टेशन में युवती की शिकायत पर दर्ज है। इसमें दानिश शेख, तौसिफ अत्तार, निदा खान, छत्रपति संभाजीनगर के एमआईएम नगरसेवक मतीन पटेल और मकान मालिक हानिफ शेख के नाम हैं। दूसरा केस मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में युवक की शिकायत पर दर्ज हुआ। इसमें तौसिफ अत्तार, दानिश शेख, शाहरुख कुरेशी और रझा मेमन के साथ निदा का नाम भी है।

जांच के दौरान निदा को गिरफ्तार किया गया था। बाद में नाशिकरोड की कोर्ट और नाशिक जिला कोर्ट ने दोनों मामलों में उन्हें शर्तों के साथ जमानत दे दी। जमानत की सुनवाई में कोर्ट ने होने वाले बच्चे के हित और मानवाधिकार का ख्याल रखा था। कोर्ट ने कहा था कि नवजात को जेल के माहौल में नहीं रहना चाहिए। बच्चे के हित की अहमियत समझाने के लिए तब भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का जिक्र भी किया गया था।

इन मामलों के इल्जाम गंभीर हैं और जांच एजेंसियां आगे की जांच कर रही हैं। लेकिन निदा पर लगे इल्जाम अभी साबित नहीं हुए हैं और कोर्ट की कार्रवाई जारी है। जब यह मामला सामने आया था, तब नाशिक में इसकी खूब चर्चा हुई थी।

फिलहाल दोनों मामले अलग-अलग कानूनी रास्तों पर हैं। एक तरफ कंपनी वाले केस हैं, जिन पर कोर्ट का फैसला बाकी है। दूसरी तरफ पति की तलाक की अर्जी है, जिस पर भी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ। अब सबकी नजर 16 अक्टूबर की सुनवाई पर है। देखना यह है कि निदा या उनके वकील कोर्ट में क्या पक्ष रखते हैं और कोर्ट अर्जी पर आगे क्या तय करती है।

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