शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
05:30 IST

नाशिक में बच्चों के यौन शोषण के करीब 250 वीडियो फैले, साइबर पुलिस ने 23 पर केस दर्ज किया

केंद्रीय गृह मंत्रालय के अलर्ट पर नाशिक साइबर पुलिस ने तकनीकी सबूत खंगाले। डेढ़ साल में सोशल मीडिया पर फैले वीडियो के मामले में 23 टिपलाइन आईडीधारकों, प्रोफाइलधारकों और मोबाइलधारकों के खिलाफ मामले दर्ज हुए हैं।

नाशिक शहर से बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। साइबर पुलिस की जांच में पता चला है कि करीब डेढ़ साल के दौरान नाबालिग बच्चों के यौन शोषण से जुड़े लगभग 250 वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाए गए।

इस मामले में 23 टिपलाइन आईडीधारकों, प्रोफाइलधारकों और संबंधित मोबाइलधारकों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। नाशिक साइबर पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से मिले अलर्ट के आधार पर तकनीकी सबूतों की छानबीन करके यह कार्रवाई की। ऐसी सामग्री के प्रसार पर कार्रवाई के लिए साइबर तंत्र पूरे देश में सक्रिय है।

पुलिस की जानकारी के मुताबिक संदिग्धों की ओर से 11 नवंबर 2024 से 27 जुलाई 2026 के बीच सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो फैलाए गए। अंतरराष्ट्रीय साइबर टिपलाइन से और नाशिक शहर से जुड़े आईपी एड्रेस की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। उसमें करीब 250 वीडियो अपलोड या प्रसारित किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद 23 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज हुए और उनकी डिजिटल गतिविधियों की जांच की जा रही है।

पुलिस यह भी जांच रही है कि यह मामला कुछ ही लोगों तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा रैकेट काम कर रहा है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि संदिग्धों ने सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल का इस्तेमाल किया था या नहीं, और क्या इसके जरिए नाबालिग बच्चों या उनके माता-पिता को ब्लैकमेल करने की कोशिश हुई। तकनीकी और फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर मामले से जुड़े बाकी लोगों की तलाश की जा रही है।

पुलिस ने साफ किया है कि नाबालिगों के यौन शोषण से जुड़ी कोई भी सामग्री फॉरवर्ड, डाउनलोड या सेव करके रखने से बचना चाहिए। ऐसी सामग्री मिले तो उसे संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट किया जा सकता है और राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर जानकारी दी जा सकती है। नाशिक जिला प्रशासन की जानकारी के अनुसार साइबर अपराधों के लिए 1930 हेल्पलाइन उपलब्ध है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे